जानकारी / अगहन मास में क्या करें और क्या नहीं, इस महीने नदी स्नान और शंख पूजा का है विशेष महत्व



Aghan Maas 2019: Dos and Don'ts in Margashirsha Month Shankh Puja And Nadi Snan In Aghan Maas
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Aghan Maas 2019: Dos and Don'ts in Margashirsha Month Shankh Puja And Nadi Snan In Aghan Maas

स्कंदपुराण के अनुसा इस महीने किए गए व्रत और उपवास से श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं

Dainik Bhaskar

Nov 13, 2019, 12:23 PM IST

जीवन मंत्र डेस्क. मार्गशीर्ष यानी अगहन महीना श्रीकृष्ण और विष्णु पूजा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। इस महीने में शंख पूजा, नदी स्नान, दान, भजन-कीर्तन और पूजा-पाठ करने का विशेष महत्व है। अगहन महीने में श्रीकृष्ण और भगवान विष्णु की पूजा करने से हर तरह के पाप खत्म हो जाते हैं और पुण्य प्राप्त होता है। इसके साथ ही भागवत महापुराण और विष्णु पुराण के अनुसार इस महीने क्या करें और क्या नहीं, ऐसी ही कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। 

 

 

  • शंख पूजा और उसका महत्व

पुराणों के अनुसार, विधि-विधान से अगहन मास में शंख की पूजा की जानी चाहिए। जिस प्रकार सभी देवी-देवताओं की पूजा की जाती है, वैसे ही शंख का भी पूजा करें। इस मास में साधारण शंख की पूजा भी पंचजन्य शंख की पूजा के समान फल देती है।

 

  • पाञ्चजन्य पूजा मंत्र

त्वं पुरा सागरोत्पन्न विष्णुना विधृत: करे।

निर्मित: सर्वदेवैश्च पाञ्चजन्य नमोऽस्तु ते।

तव नादेन जीमूता वित्रसन्ति सुरासुरा:।

शशांकायुतदीप्ताभ पाञ्चजन्य नमोऽस्तु ते॥

 

  • शंख पूजा का महत्व

सभी वैदिक कामों में शंख का विशेष स्थान है। शंख का जल सभी को पवित्र करने वाला माना गया है, इसी वजह से आरती के बाद श्रद्धालुओं पर शंख से जल छिड़का जाता है। साथ ही शंख को लक्ष्मी का भी प्रतीक माना जाता है, इसकी पूजा महालक्ष्मी को प्रसन्न करने वाली होती है। इसी वजह से जो व्यक्ति नियमित रूप से शंख की पूजा करता है, उसके घर में कभी धन की कमी नहीं रहती।

ऐसा माना जाता है समुद्र मंथन के समय शंख भी प्रकट हुआ था। विष्णु पुराण में बताया गया है कि देवी महालक्ष्मी समुद्र की पुत्री है और शंख को लक्ष्मी का भाई माना गया है। इन्हीं कारणों से शंख की पूजा भक्तों को सभी सुख देने वाली गई है।

 

  • नदी स्नान से मिलती है श्रीकृष्ण कृपा

इस महीने में नदी स्नान की बड़ी महिमा कही गई है। शास्त्रों के अनुसार, जब गोकुल में असंख्य गोपियों ने श्रीहरि को प्राप्त करने के लिए ध्यान लगाया तब श्रीकृष्ण ने अगहन महीने में विधिपूर्वक नदी स्नान की सलाह दी। इसमें नियमित विधिपूर्वक प्रात: स्नान करने और इष्टदेव को प्रणाम करने की भी बात कही गई है।

 

  • कैसे करें नदी स्नान?

मार्गशीर्ष में नदी स्नान के लिए तुलसी की जड़ की मिट्टी व तुलसी के पत्तों से स्नान करना चाहिए। स्नान के समय ऊं नमो नारायणाय या गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए।

 

  • अगहन मास में क्या करें- क्या नहीं
  1. इस पूरे महीने में जीरे का सेवन नहीं करना चाहिए।
  2. मार्गशीर्ष मास में अन्न का दान करना सर्वश्रेष्ठ पुण्य कर्म माना गया है। ऐसा करने पर हमारे सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। साथ ही सभी कामनाएं पूरी हो जाती हैं।
  3. इस माह में नियमपूर्वक रहने से अच्छा स्वास्थ्य तो मिलता ही है, साथ में धार्मिक लाभ भी मिलता है।
  4. इस महीने श्रीकृष्ण और भगवान विष्णु को तुलसी पत्र चढ़ाएं। 

 

  • अगहन मास का महत्व

स्कंदपुराण के अनुसार, भगवान की कृपा प्राप्त करने की कामना करने वाले श्रद्धालुओं को अगहन मास में व्रत आदि करना चाहिए। इस माह में किए गए व्रत-उपवास से भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है।

 

 

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