कुंभ 2019 / लोगों के आकर्षण का केंद्र हैं अघोरी बाबा, रहस्यमयी होते हैं ये साधु, दुनिया से रहते हैं अलग



aghori baba in ardh kumbh 2019
X
aghori baba in ardh kumbh 2019

Dainik Bhaskar

Jan 23, 2019, 03:51 PM IST

रिलिजन डेस्क. इन दिनों उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अर्ध कुंभ चल रहा है। इस मेले में दूर-दूर से साधु-संन्यासी आए हुए हैं। साथ ही नागा साधु, अघोर तांत्रिक व कापालिक विद्या के जानकारों का डेरा भी यहां लगा हुआ है। इन सभी में अघोर साधक लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। अघोरियों का जीवन जितना कठिन है, उतना ही रहस्यमयी भी है।


कौन हैं अघोरी बाबा
अघोरियों की साधना विधि सबसे ज्यादा रहस्यमयी है। उनकी अपनी शैली, अपना विधान है, अपनी अलग विधियां हैं। अघोरी उसे कहते हैं जो घोर नहीं हो। यानी बहुत सरल और सहज हो। जिसके मन में कोई भेदभाव नहीं हो। अघोरी हर चीज में समान भाव रखते हैं। वे सड़ते जीव के मांस को भी उतना ही स्वाद लेकर खाते हैं, जितना स्वादिष्ट पकवानों को स्वाद लेकर खाया जाता है।


अलग है अघोरियों की दुनिया
अघोरियों की दुनिया ही नहीं, उनकी हर बात निराली है। वे जिस पर प्रसन्न हो जाएं उसे सब कुछ दे देते हैं। अघोरियों की कई बातें ऐसी हैं जो सुनकर आप दांतों तले अंगुली दबा लेंगे। हम आपको अघोरियों की दुनिया की कुछ ऐसी ही बातें बता रहे हैं, जिनको पढ़कर आपको एहसास होगा कि वे कितनी कठिन साधना करते हैं।


1. अघोरी मूलत: तीन तरह की साधनाएं करते हैं। शिव, शव और श्मशान साधना। शिव साधना में शव (मुर्दा) के ऊपर पैर रखकर साधना की जाती है। शव साधना शव पर बैठकर की जाती है। ऐसी साधनाओं में मुर्दे को प्रसाद के रूप में मांस और शराब चढ़ाई जाती है।


2. तीसरी होती है श्मशान साधना। इसमें शवपीठ (जहां शवों को जलाते हैं) की पूजा की जाती है। उस पर गंगा जल व मावा चढ़ाया जाता है।


3. अघोरी बाबा बहुत हठी होते हैं, अगर किसी बात पर अड़ जाएं तो उसे पूरा करते हैं। गुस्सा हो जाएं तो किसी भी हद तक जा सकते हैं।


4. अघोरियों की आंखें लाल होती हैं, लेकिन उनका मन शांत होता है। अघोरी गले में धातु की बनी नरमुंड की माला पहनते हैं।


5. अघोरपंथ में श्मशान साधना का विशेष महत्व है। इसलिए अघोरी श्मशान में रहना ही ज्यादा पंसद करते हैं। वे यहीं अपनी कुटिया बनाते हैं। 


6. अघोरियों की कुटियां में एक छोटी सी धूनी हमेशा जलती रहती है। जानवरों में वो सिर्फ कुत्ते पालना पसंद करते हैं।


7. अघोरी गाय का मांस छोड़ कर बाकी सब खा सकते हैं। मल से लेकर मुर्दे का मांस तक। प्यास लगने पर खुद का मूत्र भी पी लेते हैं।


8. अघोरी बाबा आम लोगों से कोई संपर्क नहीं रखते। ना ही ज्यादा बातें करते हैं। वे अधिकांश समय अपना सिद्ध मंत्र ही जाप करते रहते हैं।


9. मान्यता है कि अघोरी पराशक्तियों (आत्मा) को भी अपने वश में कर सकते हैं। ये साधनाएं भी वे श्मशान में ही करते हैं। 

COMMENT