एक जंगल में सियार, कौआ और तेंदुआ ये तीन शेर के साथ रहते थे, शेर की वजह से इन्हें आसानी से खाना मिल जाता था, एक दिन रास्ता भटककर जंगल में ऊंट आ गया, शेर ने उसे जंगल में रहने की इजाजत दे दी, कुछ समय बाद शेर बीमार हो गया और वह शिकार नहीं कर पा रहा था

कभी भी चालाक लोगों की बातों में नहीं फंसना चाहिए, वरना प्राणों के लिए संकट खड़ा हो सकता है

Apr 16, 2019, 08:25 PM IST

रिलिजन डेस्क। एक लोक कथा के अनुसार किसी जंगल में शेर के साथ सियार, कौआ और तेंदुआ रहते थे। इन तीनों को बिना मेहनत किए शेर के शिकार में से बचा हुआ खाना मिल जाता था। एक दिन जंगल में ऊंट आ गया। सभी जानवरों को हैरानी हुई, क्योंकि ऊंट को रेगिस्तान में रहते हैं।

> जानवरों ने ऊंट से पूछा तो मालूम हुआ कि ये ऊंट रास्ता भटककर जंगल में आ गया है। बात शेर तक पहुंची तो शेर उसे जंगल में रहने की इजाजत दे दी।

> सियार, कौआ औ तेंदुआ चाहते थे कि शेर ऊंट का शिकार करे, ताकि ऊंट का मांस उन्हें खाने को मिल सके, लेकिन शेर ने मना कर दिया।

> कुछ समय बाद शेर बीमार हो गया और शिकार नहीं कर पा रहा था। शेर की तीनों साथियों ने कहा कि अब हमें ऊंट का शिकार कर लेना चाहिए। शेर ने कहा कि नहीं, उसे मैंने शरण दी है, मैं उसका शिकार नहीं कर सकता।

> सियार, कौआ और तेंदुआ, तीनों बहुत चालाक थे। उन्होंने एक योजना बनाई और शेर के सामने खुद को भोजन के रूप में प्रस्तुत करने लगे। शेर ने तीनों का शिकार से मना कर दिया। ये देखकर ऊंट ने भी खुद को भोजन के रूप में प्रस्तुत कर दिया। तीनों चालाक जानवरों ने तुरंत ही ऊंट पर हमला कर दिया और उसे मार दिया।

कहानी से शिक्षा

उन चालाक बुरे लोगों पर भरोसा रखना मूर्खता है जो शक्तिशाली या धनी लोगों को अपने लाभ के लिए घेरे हुए रहते हैं।

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