ज्ञान / चाणक्य नीति में बताया है कि स्त्री,भोजन और धन संबंधी मामलों में कैसा व्यवहार करना चाहिए



Chanakya niti 2019: how to win women heart and good food habits,chanakya neeti explains
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Chanakya niti 2019: how to win women heart and good food habits,chanakya neeti explains

Dainik Bhaskar

Jan 12, 2019, 08:11 AM IST

चाणक्य नीति के तेरहवें अध्याय के 19 वें श्लोक में स्त्री, भोजन और धन से जुड़ी महत्वपूर्ण नीति या बात बताई गई है। जिसको समझकर जीवन में उतारने से इंसान हर तरह से सुखी हो जाता है। चाणक्य नीति के अनुसार इन 3 मामलों में की गई गलती बड़ी परेशानी बन जाती है। जिससे पारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन तो बिगड़ ही जाता है, वहीं सेहत भी बिगड़ जाती है। इस कारण कोई भी इंसान ठीक से जीवन नहीं जी सकता। चाणक्य नीति में बताया गया है कि आम इंसान को स्त्रियों के मामलों में कैसा रहना चाहिए, भोजन के मामले में संतुष्ट रहना चाहिए और पैसों के मामले में संभलकर रहना चाहिए।

 

चाणक्य नीति का श्लोक

 

सन्तोषस्त्रिषु कर्तव्य: स्वदारे भोजने धने ।
त्रिषु चैव न कर्तव्योऽध्ययने  तपदानयो : ।।

 

आचार्य चाणक्य ने इस श्लोक में 3 ऐसे काम बताए हैं जिनमें संतोष कर लेना चाहिए और 3 ऐसे काम बताए हैं जिनमें संतोष नहीं करना चाहिए। आचार्य चाणक्य के अनुसार स्त्री,भोजन और धन के मामले में इंसान को संतोष कर लेना चाहिए। यानी स्त्री से मिलने वाले सुख, व्यवहार और अन्य मामलों में संतोष कर लेना चाहिए। वहीं भोजन भी संयम से करना चाहिए। भोजन के मामले में मन मार लेना चाहिए। इनके साथ ही पैसों के मामले में भी संतोष रखना चाहिए वरना परेशानी बढ़ जाती है। इसके अलावा आचार्य चाणक्य बताते हैं कि विद्याअध्ययन, तप और दान करते हुए भी संतोष नहीं करना चाहिए। ये तीन काम दिल खोलकर करने चाहिए।

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