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नवरात्र / तीसरे दिन होती है देवी चंद्रघंटा की पूजा, जानिए पूजन विधि



chandraghanta mata pujan vidhi for third day of navratri
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chandraghanta mata pujan vidhi for third day of navratri

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2018, 06:06 PM IST

रिलिजन डेस्क. नवरात्र में तीसरे दिन देवी चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। माता चंद्रघंटा का रूप बहुत ही सौम्य है। देवी को सुगंध प्रिय है। सिंह पर सवार माता के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्द्धचंद्र है, इसलिए माता को चंद्रघंटा नाम दिया गया है। मां का शरीर सोने के समान कांतिवान है। उनकी दस भुजाएं हैं और दसों भुजाओं में अस्त्र-शस्त्र हैं। देवी के हाथों में कमल, धनुष-बाण, कमंडल, तलवार, त्रिशूल और गदा जैसे अस्त्र धारण किए हुए हैं। इनके कंठ में सफेद पुष्प की माला और रत्नजड़ित मुकुट शीर्ष पर विराजमान है। देवि चंद्रघंटा भक्तों को अभय देने वाली तथा परम कल्याणकारी हैं। इनके रुप और गुणों के अनुसार आज इनकी पूजा की जाएगी।

कैसे करें पूजन?

  1. जानिए कैसे करें इनकी पूजा

    वैदिक एवं सप्तशती मंत्रों द्वारा मां चंद्रघंटा की पूजा करें। इसमें आवाहन, आसन, पाद्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, सौभाग्य सूत्र, चंदन, रोली, हल्दी, सिंदूर, दुर्वा, आभूषण, पुष्प-हार, सुगंधितद्रव्य, धूप-दीप, नैवेद्य, फल, पान, दक्षिणा, आरती, प्रदक्षिणा, मंत्रपुष्पांजलि आदि करें।

  2. पूजा का फल 

    मां चंद्रघंटा के आशीर्वाद से भक्त से सभी पाप नष्ट हो जाते है और उसकी राह में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जाती है। इस देवी की पूजा करने से, सभी दुखों और भय से मुक्ति मिलती है। मां चंद्रघंटा अपने भक्तों को असीम शांति और सुख सम्पदा का वरदान देती है।
     

  3. इन मंत्रों से करें पूजा

    या देवी सर्वभू‍तेषु माँ चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता।
      नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

     

    - पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
      प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता।।

     

    - ऊँ चं चं चं चंद्रघंटायेः ह्रीं नम:। 


    इस मंत्र का 108 बार जाप करें।

     

    प्रसाद- शहद, मावे की मिठाई, दूध, खीर और दूध से बनी मिठाईयां।

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