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Dada Vaswani Died: आज 99 साल के आध्यात्मिक गुरु दादा जे पी वासवानी का निधन

Dada Vaswani Died: साधु वासवानी मिशन के प्रमुख दादा वासवानी का आज सुबह पुणे में निधन हो गया। वे 99 साल के थे।

Dainik Bhaskar

Jul 12, 2018, 11:41 AM IST
Dada Vaswani Passes Away in Pune
साधु वासवानी मिशन के प्रमुख दादा वासवानी का गुरुवार यानी आज सुबह पुणे में निधन हो गया। वे 99 साल के थे। दादा शाकाहार को बढ़ावा देने और पशुओं के सरंक्षण के लिए मुहिम चला रहे थे। उन्होंने 150 से ज्यादा किताबें लिखीं। दादा वासवानी का पूरा नाम जशन पहलराज वासवानी था। वे कुछ समय से बीमार थे। उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए पुणे के साधु वासवानी मिशन में रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके 99वें जन्मदिन पर वीडियो कॉन्‍फ्रेंस के जरिए उन्हें शुभकामनाएं दी थीं। इस दौरान मोदी ने बताया कि दादा से उनकी पहली मुलाकात संयुक्‍त राष्‍ट्र के विश्‍व धार्मिक सम्‍मेलन में 27 साल पहले हुई थी।
कौन थे दादा वासवानी -
2 अगस्त, 1918 को हैदराबाद में जन्मे दादा एक बहुत होनहार छात्र थे, उन्होने शैक्षणिक करियर छोड़कर अपने चाचा यानी गुरु साधु वासवानी के प्रति अपना जीवन समर्पित कर दिया। शाकाहार के प्रबल समर्थक दादा ने अपने गुरु के रास्ते पर चलते हुए, सभी जीवों के प्रति सम्मान के संदेश को फैलाना ही अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया था। दादा जे.पी. वासवानी भारत के सम्मानित आध्यात्मिक विभूतियों में से एक थे। वे प्रसिद्ध साधु वासवानी मिशन के प्रमुख संचालक थे, जो कि एक अंतरराष्ट्रीय, लाभ-निरपेक्ष, समाज कल्याण और सेवा से जुड़ा संगठन है। इसका मुख्यालय पुणे में है। दादा वासवानी को आधुनिक समय का योगी भी कहा जाता था। इन्होने देश-विदेश, दोनों के ही लोगों को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया। दादा वासवानी एक ऐसे संत हैं जो हर संवेदनशील जीव का सम्मान करते थे, फिर चाहे वे मनुष्य हो या प्रकृत्ति। उनका मानना था कि जिस किसी के भी भीतर जीवन है, वह दैवीय है।

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