एकादशी आज / मोहिनी एकादशी पर भगवान विष्णु के साथ ही तुलसी पूजा करने की परंपरा



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  • सूर्यास्त के बाद तुलसी के पास दीपक जलाकर तुलसी नामाष्टक मंत्र का जाप करना चाहिए

Dainik Bhaskar

May 15, 2019, 12:04 PM IST

रिलिजन डेस्क। बुधवार, 15 मई को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी है। इसे मोहिनी एकादशी कहा जाता है। इस तिथि पर भगवान विष्णु और उनके अवतारों की विशेष पूजा करने की परंपरा है। एकादशी पर भगवान विष्णु के लिए व्रत-उपवास किए जाते हैं। श्रीहरि के साथ ही तुलसी की भी पूजा करने का विधान भी है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार श्रीकृष्ण की पूजा में तुलसी का विशेष महत्व है। तुलसी को देवी लक्ष्मी का स्वरूप भी माना गया है। एकादशी की शाम तुलसी के दीपक जलाकर मंत्र जाप करना चाहिए। ध्यान रखें सूर्यास्त के बाद तुलसी को जल नहीं चढ़ाना चाहिए और स्पर्श भी नहीं करना चाहिए। पूजा में तुलसी नामाष्टक मंत्र का जाप करना चाहिए...
मंत्र-
वृंदा वृंदावनी विश्वपूजिता विश्वपावनी। पुष्पसारा नंदनीय तुलसी कृष्ण जीवनी।।
एतनामांष्टक चैव स्त्रोतं नामर्थं संयुतम। य: पठेत तां च सम्पूज्य सौश्रमेघ फलंलभेत।।

ऐसे करें इस मंत्र का जाप

  1. सूर्यास्त के बाद स्नान के बाद तुलसी की पूजा और परिक्रमा करें। घी का दीपक जलाएं। इसके बाद तुलसी के सामने बैठकर तुलसी की माला से इस मंत्र का जाप करें। मंत्र जाप करते समय मुंह पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। मंत्र जाप कम से कम 108 बार करें। मंत्र जाप के बाद भगवान से परेशानियां दूर करने की प्रार्थना करें और पूजा में हुई भूल-चूक की क्षमा प्रार्थना करें।

     

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