तीर्थ दर्शन / गुरुद्वारा पत्थर साहिब में गुरुनानक देव से टकराते ही मोम बन गया था पत्थर



वह पत्थर जो गुरुनानक देव जी से टकराकर मोम बन गया था। वह पत्थर जो गुरुनानक देव जी से टकराकर मोम बन गया था।
पत्थर राक्षस के पैर का निशान। पत्थर राक्षस के पैर का निशान।
गुरुद्वारे के बाहर क द्रश्य। गुरुद्वारे के बाहर क द्रश्य।
गुरुद्वारा पत्थर साहिब की कहानी एक बोर्ड पर लिखी गई है। गुरुद्वारा पत्थर साहिब की कहानी एक बोर्ड पर लिखी गई है।
गुरुद्वारे के बाहर क द्रश्य। गुरुद्वारे के बाहर क द्रश्य।
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वह पत्थर जो गुरुनानक देव जी से टकराकर मोम बन गया था।वह पत्थर जो गुरुनानक देव जी से टकराकर मोम बन गया था।
पत्थर राक्षस के पैर का निशान।पत्थर राक्षस के पैर का निशान।
गुरुद्वारे के बाहर क द्रश्य।गुरुद्वारे के बाहर क द्रश्य।
गुरुद्वारा पत्थर साहिब की कहानी एक बोर्ड पर लिखी गई है।गुरुद्वारा पत्थर साहिब की कहानी एक बोर्ड पर लिखी गई है।
गुरुद्वारे के बाहर क द्रश्य।गुरुद्वारे के बाहर क द्रश्य।

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 01:23 PM IST

रिलिजन डेस्क. लेह से 25 किमी पहले गुरुद्वारा पत्थर साहिब जम्मू कश्मीर का बेहद दिलचस्प टूरिस्ट स्पॉट है। दिलचस्प इसलिए क्योंकि इस जगह से एक ऐसी कहानी जुड़ी है जिसे जानकर यहां आने वाला हर शख्स हैरान हो जाता है। श्रीनगर से लेह के बीच स्थित इस गुरुद्वारे में हर साल हजारों श्रद्धालु आते हैं।
 

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