--Advertisement--

नवरात्र / अलग-अलग उम्र की कन्याओं को माना जाता है अलग-अलग देवियों का स्वरूप



kanya poojan vidhi in navratri
X
kanya poojan vidhi in navratri

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2018, 05:16 PM IST

रिलिजन डेस्क. देवी दुर्गा की भक्ति का महा उत्सव नवरात्र शुरू हो गया है और इन दिनों में देवी मां के साथ ही छोटी कन्याओं की पूजा भी की जाती है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार छोटी कन्याओं के मन में किसी के प्रति कोई बुरी भावना नहीं होती, उनके मन में कोई स्वार्थ नहीं होता है, इन्हीं कारणों में इन्हें साक्षात् देवी का स्वरूप ही माना जाता है। शास्त्रों में उम्र के आधार पर कन्याओं को अलग-अलग देवियों का स्वरूप बताया गया है। नवरात्र मनाने का मूल भाव यही है कि हर हाल में महिलाएं पूजनीय हैं और इनका हमेशा सम्मान करना चाहिए।

जानिए नवरात्र में कन्या पूजा से जुड़ी खास बातें

  1. छोटी कन्या की उम्र के आधार पर माता के स्वरूप

    दो वर्ष की कन्या को कुमारी माना जाता है।

     

    • तीन वर्ष की कन्या त्रिमूर्ति का स्वरूप मानी जाती है। त्रिमूर्ति यानी दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती का स्वरूप।
    • चार वर्ष की कन्या को कल्याणी माना जाता है।
    • पांच वर्ष की कन्या को रोहिणी कहा जाता है।
    • छह वर्ष की कन्या को माता कालिका का रूप माना जाता है।
    • सात वर्ष की कन्या को चंडिका माता माना जाता है।
    • आठ वर्ष की कन्या को शाम्‍भवी कहा जाता है।
    • नौ वर्ष की कन्या को देवी दुर्गा का स्वरूप माना जाता है।
    • दस वर्ष की कन्या को सुभद्रा कहा जाता है।

  2. पूजन विधि

    नवरात्र में जिस दिन कन्या पूजन करना है, उससे एक दिन पहले कन्याओं को अपने घर आमंत्रित करना चाहिए।

     

    • जिस दिन कन्याओं की पूजा करनी है, उस दिन सुबह जल्दी उठें। पूरे घर की साफ-सफाई करें।
    • घर में गौमूत्र का छिड़काव करें। मन में भाव रखें कि आज आपके घर स्वयं देवी मां पधार रही हैं।
    • किचन की सफाई के बाद कन्याओं के लिए स्वादिष्ट भोजन बनाएं।
    • जब आपके घर कन्या पधारे तो उसके चरणों को धोएं और बैठने के आसन दें।
    • कन्याओं को हार-फूल चढ़ाएं। कुमकुम से तिलक करें।
    • पैर छूकर आशीर्वाद लें। भोजन करने का आग्रह करें।
    • देवी को भोजन का भोग लगाएं और इसके बाद कन्याओं को भोजन कराएं।
    • भोजन के बाद कन्याओं को अपने सामर्थ्‍य के अनुसार दक्षिणा दें।
    • कोई उपहार दें। प्रणाम करें। पैर छूकर आशीर्वाद लें। संकल्प लें कि सभी महिलाओं का सम्मान करेंगे।

Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..