रामनवमी विशेष / ऐसा मंदिर जहां राम के बिना होती है माता सीता की पूजा



मंदिर में स्थापित वाल्मीकि, सीता माता और लव-कुश की मूर्तियां मंदिर में स्थापित वाल्मीकि, सीता माता और लव-कुश की मूर्तियां
मंदिर का द्रश्य मंदिर का द्रश्य
मन्नत पूरी होने पर कराया जाता है नृत्य मन्नत पूरी होने पर कराया जाता है नृत्य
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मंदिर में स्थापित वाल्मीकि, सीता माता और लव-कुश की मूर्तियांमंदिर में स्थापित वाल्मीकि, सीता माता और लव-कुश की मूर्तियां
मंदिर का द्रश्यमंदिर का द्रश्य
मन्नत पूरी होने पर कराया जाता है नृत्यमन्नत पूरी होने पर कराया जाता है नृत्य

Dainik Bhaskar

Apr 11, 2019, 01:03 PM IST

रिलिजन डेस्क. रामचरितमानस के अनुसार भगवान राम और माता सीता के दो पुत्र लव-कुश थे जिनका जन्म वाल्मीकि आश्रम में हुआ था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वाल्मीकि के जिस आश्रम कहां था अगर नहीं तो हम आपको बताते है वह मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले के मुंगावली तहसील के करीला गांव में था इसे करीला माता मंदिर के नाम से जाना जाता है। प्रचलित मान्यताओं के अनुसार यहीं लव और कुश का जन्म हुआ था। इस मंदिर में सीता जी की तो पूजा की जाती है लेकिन भगवान राम की पूजा नहीं होती। यहां उनकी प्रतिमा भी स्थापित नहीं की गई है। रामनवमी के अवसर वर जानते हैं इस मंदिर के बारे में....

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