कुंभ 2019 / मकर संक्रांति से महा शिवरात्रि कुंभ मेले में होंगे 6 प्रमुख स्नान

Dainik Bhaskar

Jan 04, 2019, 05:13 PM IST


kumbh mela snan dates 2019
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kumbh mela snan dates 2019

रिलिजन डेस्क. भारत देश आध्यात्मिक देश है इस कारण जहां कई व्रत और त्यौहार मनाए जाते हैं। यहां धार्मिक-आध्यात्मिक आयोजन बहुत ही भव्य व आस्था के साथ मनाए जाते हैं। कुंभ मेला भी इन्ही आयोजनों में से एक है। इस साल कुंभ 15 जनवरी से लेकर 4 मार्च तक प्रयागराज में हो रहा है। इसमें 6 प्रमुख स्नान तिथियां होंगी। कुंभ की शुरुआत 15 जनवरी को मकर संक्रान्ति से होगी जो 4 मार्च महा शिवरात्रि  तक चलेगा। यहां जानिए पूरे 50 दिन चलने वाले इस अर्द्ध कुंभ की सभी महत्वपूर्ण स्नान तिथियां।

ये हैं वो 6 प्रमुख तिथियां

  1. मकर संक्रांति

    कुंभ की शुरुआत 15 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन पहले स्नान से होगी। इसे शाही स्नान और राजयोगी स्नान भी कहा जाता है। इस दिन कई अखाड़ों के संत की पहले शोभा यात्रा निकलेंगी जाती है। माघ महीने के इस पहले दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है। इसलिए इस दिन को मकर संक्रान्ति कहते हैं।
     

  2. पौष पूर्णिमा

    हिंदू मान्यताओं के अनुसार पौष महीने की 15वीं तिथि को पौष पूर्णिमा कहते हैं। जो कि साल 2019 में 21 जनवरी को है। इस पूर्णिमा के बाद ही माघ महीने की शुरुआत होती है। माना जाता है कि जो व्यक्ति इस दिन विधिपूर्ण तरीके से सुबह स्नान करता है उसे मोक्ष प्राप्त होता है। इतना नहीं नहीं इस दिन से सभी शुभ कार्यों की शुरुआत कर दी जाती है। इस दिन से कल्पवास भी आरंभ हो जाता है।
     

  3. मौनी अमावस्या

    कुंभ मेले में तीसरा स्नान मौनी अमावस्या के दिन किया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन कुंभ के पहले तीर्थाकर ऋषभ देव ने अपनी लंबी तपस्या का मौन व्रत तोड़ा था और संगम के पवित्र जल में स्नान किया था। मौनी अमावस्या के दिन कुंभ मेले में बहुत बड़ा मेला लगता है, जिसमें लाखों की संख्या में भीड़ उमड़ती है. साल 2019 में मौनी अमावस्या 4 फरवरी को है।

  4. बसंत पंचमी

    पंचाग के अनुसार बसंत पंचमी माघ महीने की पंचमी तिथ‍ि को मनाई जाती है जो इस बार 10 फरवरी को है। बसंत पंचमी के दिन से ही बसंत ऋ‍तु शुरू हो जाती है। हिंदू मान्‍यताओं के अनुसार इस दिन देवी सरस्‍वती का जन्‍म हुआ था। इस दिन पवित्र नदियों में स्‍नान का व‍िशेष महत्‍व है। पवित्र नदियों के तट और तीर्थ स्‍थानों पर बसंत मेला भी लगता है।

  5. माघी पूर्णिमा

    कुंभ मेले में पांचवां स्नान माघी पूर्णिमा को होता है जो 19 फरवरी को है। मान्यता है कि इस दिन सभी हिंदू देवता स्वर्ग से संगम पधारे थे. वहीं, माघ महीने की पूर्णिमा (माघी पूर्णिमा) को कल्पवास की पूर्णता का पर्व भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन माघी पूर्णिमा समाप्त हो जाती है। इस दिन संगम के तट पर कठिन कल्पवास व्रतधारी स्नान कर उत्साह मनाते हैं। इस दिन गुरू बृहस्पति की पूजा की जाती है।

  6. महाशिवरात्रि

    कुंभ मेले का आखिरी स्नान महा शिवरात्रि के दिन होता है। इस दिन सभी कल्पवासियों अंतिम स्नान कर अपने घरों को लौट जाते हैं। भगवान शिव और माता पार्वती के इस पावन पर्व पर कुंभ में आए सभी भक्त संगम में डुबकी जरूर लगाते हैं। मान्यता है कि इस पर्व का देवलोक में भी इंतज़ार रहता है। इस बार महाशिवरात्रि 4 मार्च को है।

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