शिक्षा / श्रीकृष्ण से सीख सकते हैं मातृ-पितृ और गुरु भक्ति, मित्रता में किन बातों का ध्यान रखें



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  • जीवन में सुखी रहना चाहते हैं तो श्रीकृष्ण की 5 बातें आपके काम आ सकती हैं

Dainik Bhaskar

Aug 22, 2019, 04:47 PM IST

जीवन मंत्र डेस्क। शुक्रवार, 23 अगस्त और शनिवार, 24 अगस्त को भगवान श्रीकृष्ण की जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस बार पंचांग भेद होने की वजह से दो दिन जन्माष्टमी मनाई जाएगी। भगवान श्रीकृष्ण की 5 ऐसी बातें हैं, जिनका ध्यान रखने पर हमारे सभी दुख दूर हो सकते हैं और जीवन सुखी हो सकता है। जानिए ये बातें कौन-कौन सी हैं...

  • मातृ-पितृ भक्ति

श्रीकृष्ण के पिता वासुदेव और माता देवकी थीं, लेकिन उनका पालन नंदबाबा और यशोदा ने किया था। श्रीकृष्ण ने हमेशा अपने माता-पिता की आज्ञाओं का पालन किया। कंस का वध करके वासुदेव और देवकी को स्वतंत्र करवाया। कृष्ण ने जन्म देने वाले और पालन करने वाले माता-पिता को बराबर सम्मान दिया। माता-पिता का सम्मान करने वाली संतान हमेशा सुखी रहती है।

  • गुरु भक्ति

श्रीकृष्ण ने गुरु सांदीपनि से शिक्षा ग्रहण की थी। शिक्षा पूर्ण होने पर गुरु सांदीपनि और गुरुमाता ने श्रीकृष्ण से अपना खोया हुआ पुत्र दक्षिणा में मांगा था। उनका पुत्र मर चुका था, लेकिन श्रीकृष्ण अपने गुरु की इच्छा पूरी करने के लिए यमराज के पास गए और गुरु के पुत्र को वापस लेकर आए।

  • प्रेम

श्रीकृष्ण की 16108 रानियां थीं। इनमें से 8 प्रमुख थीं। श्रीकृष्ण के दांपत्य जीवन में हमेशा प्रेम और शांति बनी रहती थी। वे अपनी हर पत्नी को संतुष्ट रखते थे। सभी पत्नियों की इच्छा का मान रखते थे और सभी का सम्मान करते थे।

  • मित्रता

अर्जुन, सुदामा और श्रीदामा श्रीकृष्ण के प्रमुख मित्र थे। जब-जब श्रीकृष्ण के मित्रों पर कोई मुसीबत आई, तब-तब श्रीकृष्ण ने उनकी हरसंभव मदद की। श्रीकृष्ण द्रौपदी को सखी कहते थे और हर कदम श्रीकृष्ण ने द्रौपदी की मदद की।

  • बुद्धिमानी और कूटनीति

महाभारत युद्ध में श्रीकृष्ण ने अपनी बुद्धिमानी और कूटनीति से पांडवों को हर बार बचाया। पांडव धर्म के साथ थे, इसी वजह से श्रीकृष्ण उन्हें बचाने के लिए कूटनीति का सहारा लेते थे। युद्ध में जब-जब पांडवों पर कोई मुसीबत आई, श्रीकृष्ण ने अपनी युद्ध नीति से उसका हल निकाला। भीष्म, द्रोणाचार्य आदि अनेक महारथियों के वध का रास्ता श्रीकृष्ण ने ही पांडवों को सुझाया था।

 

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