ग्रंथों का ज्ञान / महाभारत में इन 6 चीजों को बताया गया है जीवन का सुख, बहुत कम लोगों को मिलते हैं ये



Mahabharata 2019: These Six Things Have Greatest Pleasures Of Life, Only Few People Get
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Mahabharata 2019: These Six Things Have Greatest Pleasures Of Life, Only Few People Get

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 07:09 AM IST

महाभारत के उद्योग पर्व में महात्मा विदुर ने 6 तरह के सुखों के बारे में बताया है। महात्मा विदुर मनुष्य जीवन के बारे में बताते हैं कि बहुत ही कम लोगों का जीवन पूरी तरह सुखी होता है। हर इंसान के जीवन में किसी न किसी तरह की कमी जरूर होती है। इन 6 सुखों में धन और निरोगी शरीर के अलावा 4 अन्य चीजें भी शामिल हैं। महात्मा विदुर इन सुखों के बारे में बताते हुए कहते हैं कि इनसे मनुष्य का जीवन संतुष्टि भरा रहता है और जिससे पाप नहीं होता। महात्मा विदुर ने 6 प्रकार के सुखों के बारे में बताया हैं, जो इस प्रकार है

 

  • महाभारत का श्लोक 

अर्थागमों नित्यमरोगिता च प्रिया च भार्या प्रियवादिनी च।

वश्यश्च पुत्रो अर्थकरी च विद्या षट् जीव लोकेषु सुखानि राजन्।

अर्थ- 1. धन, 2. निरोगी शरीर, 3. सुंदर पत्नी, 4. वह भी प्रिय बोलने वाली हो, 5. पुत्र का आज्ञाकारी होना और 6. धन पैदा करने वाली विद्या का ज्ञान होना - ये 6 बातें इस लोक में मनुष्य को सुख देती हैं।

 

1. धन

सुखी जीवन के लिए धन का होना बहुत आवश्यक है। बिना धन के न सम्मान मिलता है और न ही यश। वृद्धावस्था में धन ही सबसे बड़ा सहारा होता है। जीवन में धन की आवश्यकता सबसे अधिक बुढ़ापे में ही होती है।

 

2. निरोगी शरीर

जीवन में सदैव सुखी रहने के लिए शरीर का तंदुरुस्त होने बहुत जरूरी है। अगर शरीर में कोई रोग होगा तो आप न ठीक से खा सकते हैं न पी सकते हैं। ऐसी अवस्था में आप जीवन के अनेक सुखों से वंचित रह सकते हैं।

 

3. सुंदर पत्नी, 4. वह भी मीठा बोलने वाली

महाभारत में महात्मा विदुर ने सुंदर पत्नी को तीसरा और यदि वह मीठा बोलने वाली तो उसे जीवन का चौथा सुख बताया है। यह इसलिए कि पत्नी सुंदर होगी तो आपका मन बाहर की ओर नहीं भटकेगा और इस स्थिति में में किए जाने वाले पापों से आप बच जाएंगे। सुंदर पत्नी यदि मीठा बोलने वाली हो तो सोने पर सुहागा हो सकता है।

 

5. पुत्र का आज्ञाकारी होना

वर्तमान समय में सबसे बड़ी समस्या ही संतान को लेकर है। संतान यदि गलत रास्ते पर निकल जाए तो माता-पिता को ही इसके लिए दोषी माना जाता है और यदि संतान विद्वान होने पर भी माता-पिता के वश में न हो तो भी सबसे ज्यादा दुख उन्हें ही होता है। इसलिए महात्मा विदुर ने कहा है कि जिसका पुत्र आज्ञाकारी हो, उसे जीवन में कभी कोई दुख नहीं होता।

 

6. धन पैदा करने वाली विद्या का ज्ञान

कई बार ऐसा देखने में आता है कि कोई व्यक्ति कभी धनवान होता है, तो कुछ दिनों बाद पैसे-पैसे के लिए मोहताज हो जाता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए आपके पास कोई ऐसी कला या ज्ञान होना चाहिए जिससे धन की आवक बनी रहे। इससे आपके जीवन में कभी धन का अभाव नहीं होगा और आप सम्मानपूर्वक जी सकेंगे।

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