महाभारत / द्रौपदी ने साबित किया कि एक मां दूसरी मां की भावनाएं समझती है

Dainik Bhaskar

May 16, 2019, 04:18 PM IST



mahabharata, motivational story, inspirational story, mahabharata facts, prerak katha
X
mahabharata, motivational story, inspirational story, mahabharata facts, prerak katha

  • अश्वथामा ने द्रौपदी के पांचों पुत्रों को मार दिया था, पांडवों ने उसे पकड़ा और द्रौपदी से कहा इसकी सजा तुम बताओ

जीवन मंत्र डेस्क। महाभारत युद्ध के अंतिम चरण में अश्वथामा पांचों पांडवों को मार डालना चाहता था। उसने चुपचाप पांडवों के शिविर में प्रवेश किया और पांडवों को सोता हुआ समझकर द्रौपदी के पांचों पुत्रों को मार दिया। पुत्रों की मृत्यु से सभी पांडव बहुत दुखी हुए। उन्होंने अश्वथामा को बंदी बना लिया।
> पांडव अश्वथामा को पकड़कर द्रौपदी के सामने ले आए। पांडवों ने द्रौपदी से कहा कि अश्वथामा ने जो कृत्य किया है, उसकी सजा तुम निर्धारित करो। तुम कहो तो हम अभी इसे मृत्युदंड दे देते हैं।
> द्रौपदी के पांचों पुत्र मारे जा चुके थे, लेकिन उसकी ममता अभी जीवित थी। उसने पांडवों से कहा कि नहीं, इसे मृत्यु दंड नहीं देना चाहिए। मैं नहीं चाहती कि पुत्रों की मृत्यु पर जो पीड़ा मुझे हो रही है, वही पीड़ा गुरु माता कृपी को भी हो। द्रौपदी ने यहां मातृत्व का संदेश दिया।
> सभी पांडवों ने द्रौपदी की भावनाओं को समझकर अश्वथामा के ललाट की मणि निकालकर उसे कुरूप बना दिया और ममता का सम्मान करते हुए गुरु द्रोणाचार्य और माता कृपी के पुत्र को जीवित छोड़ दिया।
प्रसंग की सीख
इस प्रसंग की सीख यह है कि एक मां दूसरी मां की भावनाओं को अच्छी तरह समझ सकती है। कोई भी मां ये नहीं चाहती है कि दूसरों के बच्चों को किसी तरह की कोई परेशानी हो।

(23 मई को देखिए सबसे तेज चुनाव नतीजे भास्कर APP पर)

COMMENT

किस पार्टी को मिलेंगी कितनी सीटें? अंदाज़ा लगाएँ और इनाम जीतें

  • पार्टी
  • 2019
  • 2014
336
60
147
  • Total
  • 0/543
  • 543
कॉन्टेस्ट में पार्टिसिपेट करने के लिए अपनी डिटेल्स भरें

पार्टिसिपेट करने के लिए धन्यवाद

Total count should be

543