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एक लड़का कुत्ते का बच्चा खरीदने गया, लेकिन उसके पास ज्यादा पैसे नहीं थे, तब उसे दुकान में दिखाई दिया एक अपाहिज कुत्ता, लड़के ने उसकी कीमत पूछी तो दुकानदार ने कहा कि इसे तो फ्री में ले जाओ, लेकिन ये ठीक से चल नहीं सकता

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 08:37 PM IST

हमें दूसरों की कमी का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए, भगवान ने सभी को खास बनाया है

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रिलिजन डेस्क। एक छोटा लड़का कुत्ते का बच्चा खरीदने के लिए दुकान पर गया। दुकान पहुंचकर उसने दुकानदार से कहा कि आपके यहां कुत्ते के बच्चों की कीमत कितनी है? दुकानदार ने कहा कि सभी बच्चों की अलग-अलग कीमत है। लड़के ने पूछा कि सबसे कम कीमत का बच्चा कौन सा है? दुकानदार से कहा कि मेरे पास एक कुत्ता ऐसा है, जिसकी कीमत सबसे कम 5000 रुपए है।

> बच्चे ने कहा कि मेरे पास तो सिर्फ 500 रुपए हैं। क्या इतने पैसे में कोई बच्चा नहीं मिलेगा? दुकानदार ने कहा कि इतने में तो कोई बच्चा नहीं मिल पाएगा। लड़के ने कहा कि ठीक है, मैं पैसे इकट्ठा करके बाद में फिर से आऊंगा। क्या मैं अभी कुत्तों के बच्चों के देख सकता हूं?

> दुकानदार ने हंसते हुए कहा कि हां देख लो। लड़का दुकान के पीछे एक कमरे में गया, जहां बहुत सारे कुत्ते के बच्चे खेल रहे थे। उसने वहां एक ऐसा बच्चा देखा जो एक तरफ बैठा हुआ था। लड़के ने दुकानदार से पूछा कि ये बच्चा क्यों नहीं खेल रहा है?

> दुकानदार ने बताया कि इस बच्चे के एक पैर में कुछ बीमारी है, इस वजह से ये बाकी कुत्ते के बच्चों के साथ नहीं खेल पाता है।

> लड़के ने तुरंत उस बच्चे को उठाया और कहा कि इसकी कितनी कीमत है?

> दुकानदार ने कहा कि अरे बेटा ये बच्चा तुम्हारे साथ खेल नहीं सकेगा। तुम इसे मत खरीदो। लड़के ने कहा कि आप इसकी कीमत बताइए। दुकानदार ने कहा कि तुम इसे फ्री में ले जा सकते हो, लेकिन ध्यान रखना ये ठीक से चल भी नहीं सकता है।

> लड़के ने कहा कि नहीं, मैं इसे फ्री में नहीं ले जाऊंगा। इसकी मैं पूरी कीमत दूंगा। अभी आप 500 रुपए रखिए, बाकि पैसे मैं आपको धीरे-धीरे कुछ दिनों में दे दूंगा।

> दुकानदार ने उससे कहा कि बेटा जिद मत करो, ये कुत्ता ठीक से चल भी नहीं सकेगा।

> लड़के ने कुत्ते के बच्चे को नीचे उतारा और खुद का एक पैर दिखाते हुए बोला कि मेरा भी एक पैर सही नहीं है। मेरे पैर में मेटल ब्रास लगा हुआ, जिसकी मदद से मैं चल पाता हूं।

> मैं ये कुत्ते का बच्चा इसलिए ले रहा हूं, ताकि इसे ये न लगे कि इस दुनिया में सिर्फ यही एक ऐसा प्राणी नहीं है, जिसका पैर ठीक नहीं है। मैं इसका दर्द समझता हूं और मैं पूरा ध्यान रखूंगा। ये सुनकर दुकानदार की आंखों में आंसू आ गए। दुकानदार को समझ आ गया कि हमें कभी भी किसी की कमी का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए। भगवान ने सभी को खास बनाया है।

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