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बेटे को अपने दोस्तों पर बहुत घमंड था, पिता ने रात 2 बजे बेटे के दोस्त के घर का दरवाजा खटखटाया और इसके बाद पिता ने खुद के दोस्त के घर का खटखटाया, टूट गया बेटे का घमंड

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 05:58 PM IST

पिता ने बेटे को कैसे समझाया बहुत सारे दोस्तों से सिर्फ एक सच्चा दोस्त अच्छा होता है

motivational story about father and son, inspirational story about true friends
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रिलिजन डेस्क। एक लड़के के बहुत सारे दोस्त थे, इस बात पर उसे घमंड था। उसके पिता का सिर्फ एक ही दोस्त था। एक दिन पिता ने अपने बेटे से कहा कि तुम्हारे तो बहुत सारे दोस्त हैं। चलो आज रात तुम्हारे सबसे अच्छे दोस्त की परीक्षा लेते हैं। बेटा इस बात के लिए तैयार हो गया।

> पिता और पुत्र, दोनों रात 2 बजे बेटे के दोस्त घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया। लड़के ने दोस्त को नाम लेकर पुकारा। घर के अंदर दोस्त ने उसकी मां से कह दिया कि बोल दो मैं घर पर नहीं हूं। ये बात पिता-पुत्र ने सुन ली। इससे बेटे का घमंड टूट गया।

> इसके बाद पिता ने कहा कि चलो मेरे दोस्त के घर चलते हैं। पिता ने अपने दोस्त के घर का दरवाजा खटखटाया। 2 मिनट में ही पिता का दोस्त एक हाथ में तलवार और एक हाथ में धन से भरी थैली लेकर आ गया।

> ये देखकर लड़के के पिता ने बोला कि मित्र ये क्या, तुम तलवार और पैसा लेकर क्यों आए हो?

> पिता के मित्र ने जवाब दिया कि रात 2 बजे मेरे मित्र ने मुझे पुकारा है तो कोई बड़ी परेशानी ही होगी। परेशानियां 2 तरह की होती हैं, एक किसी से विवाद हो सकता है और दूसरी समस्या धन से जुड़ी है। मैं दोनों ही स्थितियों में मित्र की मदद करने को तैयार हूं।

> ये देखकर लड़के की आंखें खुल गई। उसे समझ आ गया कि दोस्तों की संख्या ज्यादा होने से कुछ नहीं होता, अगर एक ही मित्र सच्चा हो तो बाकी लोगों की जरूरत नहीं होती है।

कथा की सीख

इस कथा की सीख यह है कि हमें दोस्तों की संख्या ज्यादा बढ़ाने पर जोर नहीं देना चाहिए। कभी भी ऐसे मित्र न चुनें जो जरूरत के समय बहाना बनाते हैं। मित्र कम चुनें, लेकिन नेक दिल वाले चुनें। मित्रों की मदद से ही हम कई परेशानियों से बच सकते हैं।

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