कर्म का फल / हम जैसा करते हैं, हमें वैसा ही फल जरूर मिलता है



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  • व्यापारी किसान से रोज खरीदता था मक्खन, एक दिन उसने मक्खन तोला तो वह कम था

Dainik Bhaskar

Jun 14, 2019, 03:10 PM IST

जीवन मंत्र डेस्क। पुरानी कहावत है, जैसी करनी, वैसी भरनी यानी जो जैसा करता है, वह वैसा ही फल पाता है। यहां जानिए एक ऐसी लोक कथा, जिसमें यही बताया गया है कि हमें हमारे कर्मों का फल जरूर मिलता है...
> लोक कथा के अनुसार किसी गांव में एक किसान रहता था। वह खेती के साथ ही मक्खन बेचने का काम भी करता था। किसान रोज शहर के बाजार में मक्खन बेचने जाता था। एक व्यापारी को उसका मक्खन बहुत अच्छा लगा तो उसने रोज एक किलो मक्खन देने के लिए कहा। किसान खुश हो गया, क्योंकि उसका एक किलो मक्खन अब बिना किसी परेशानी के रोज बिक जाएगा। किसान ने उसी दुकान से थोड़ा सामान और एक किलो गुड़ खरीदा। सामान लेकर किसान अपने घर चला गया। इसके बाद अगले दिन से किसान ने व्यापारी को एक किलो मक्खन पहुंचाना शुरू कर दिया। कई दिनों तक ऐसा ही चलता रहा।
> एक दिन दुकानदार ने किसान का दिया हुआ मक्खन तोला तो वह 900 ग्राम था। दुकानदार को बहुत गुस्सा आया। उसने सोचा कि ये किसान मुझे धोखा दे रहा है, पैसा एक किलो मक्खन का लेता है और देता सिर्फ 900 ग्राम है। अगले दिन जब किसान मक्खन लेकर आया तो दुकानदार उसके सामने मक्खन तोला तो वह 900 ग्राम ही था। अब दुकानदार चिल्लाने लगा कि तू मुझे धोखा दे रहा है।

> किसान ने कहा कि भाई साहब मेरे पास तो तोलने के लिए बाट ही नहीं है। आपके यहां से एक किलो गुड़ खरीदा था, उसी को बाट बनाकर मैं रोज मक्खन तोलकर लाता हूं। ये बात सुनते ही दुकानदार शर्मिंदा हो गया, क्योंकि गलत काम तो वह खुद कर रहा था। उसे समझ आ गया कि हम जैसा करते हैं, उसका फल वैसा ही मिलता है।
कथा की सीख
इस छोटी सी कथा की सीख यह है कि अगर हम गलत काम करेंगे तो इसका फल हमें जरूर मिलेगा। इसीलिए कहते हैं जैसी करनी, वैसी भरनी। इसीलिए हमें गलत कामों से बचना चाहिए, क्योंकि एक दिन हमें हमारे कर्मों का फल जरूर मिलता है। अच्छे काम करेंगे तो अच्छा फल मिलेगा।

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