जीवन प्रबंधन / दूसरों के सुख को देखकर परेशान नहीं होना चाहिए, अपना काम ईमानदारी से करें



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  • कड़ी मेहनत के बाद भी किसान की गरीबी दूर नहीं हो रही थी, संत ने किसान को समझाया गलत चीजों के पीछे नहीं भागना चाहिए

Dainik Bhaskar

Sep 18, 2019, 06:41 PM IST

जीवन मंत्र डेस्क। पुरानी लोक कथा के अनुसार किसी गांव में एक गरीब किसान था। वह कड़ी मेहनत करता, लेकिन उसके जीवन से गरीबी खत्म ही नहीं हो रही थी। किसान गांव के प्रसिद्ध संत के पास गया और अपनी परेशानी बता दी। संत ने कहा कि मैं तुम्हारे घर आकर हालातों को देखुंगा, फिर कुछ समाधान बताउंगा।

  • एक दिन किसान से मिलने संत उसके घर गए, वे बहुत ही विद्धान थे। उनके पास गांव के लोग अपनी परेशानियां लेकर जाते और वे उनका समाधान बताते थे। जब संत घर आए तब किसान घर पर नहीं था। उसकी पत्नी ने संत से कहा कि वे तो खेत पर गए हैं। मैं बच्चे को बुलाने के लिए भेज देती हूं। आप कुछ देर इंतजार करें। 
  • बच्चा तुरंत ही अपने खेत पर पहुंचा और पिता को बताया कि घर पर संत आए हैं। ये सुनकर कुछ ही देर में किसान खेत से अपने घर पहुंच गया। किसान के साथ उसका पालतू कुत्ता भी था। कुत्ता जोरों से हांफ रहा था। उसकी यह हालत देखकर संत ने किसान से पूछा कि क्या तुम्हारा खेत बहुत दूर है? किसान ने कहा कि नहीं, मेरा खेत तो यहीं पास ही में है। 
  • किसान ने संत से पूछा कि आपको ऐसा क्यों लग रहा है? संत ने कहा कि मुझे ये देखकर आश्चर्य हो रहा है कि तुम और तुम्हारा कुत्ता दोनों साथ-साथ आए, लेकिन तुम्हारे चेहरे पर बिल्कुल भी थकान नहीं है, जबकि तुम्हारा कुत्ता बुरी तरह से हांफ रहा है।
  • किसान ने कहा कि मैं और कुत्ता एक ही रास्ते से घर आए हैं। मेरा खेत दूर नहीं है। मैं थका नहीं हूं। मेरा कुत्ता थक गया है। इसका कारण यह है कि मैं सीधे रास्ते से चलकर घर आया हूं, मगर कुत्ता अपनी आदत से मजबूर है।
  • संत ने पूछा कि कैसी आदत? किसान ने बताया कि ये कुत्ता दूसरे कुत्तों को देखकर भौंकता है, उनके पीछे दौड़ता है और वापस मेरे पास आ जाता है। ऐसा ये बार-बार कर रहा था। यही वजह है कि घर आते-आते ये थक जाता है। अब संत ने कहा कि ठीक यही स्थिति हमारे साथ भी होती है, हम एक लक्ष्य बनाकर काम नहीं करते, बार-बार अलग-अलग चीजों के लिए हमारा मन भटकता है। इसी वजह से हम कोई बड़ा काम नहीं कर पाते हैं। जीवन में सफलता और सुख चाहते हैं तो दूसरों की चीजों को देखकर परेशान नहीं होना चाहिए। बस अपना काम ईमानदारी करें। गलत चीजों के पीछे नहीं भागना चाहिए। 

कथा की सीख
इस कथा की सीख यह है कि हमें अपने कार्यों में मन लगाना चाहिए। दूसरों की सुख-सुविधा की ओर मन लगाएंगे तो हमारा काम बिगड़ेगा और सफलता नहीं मिल पाएगी। अपना काम ईमानदारी से करेंगे तो धीरे-धीरे हमारी परेशानियां भी खत्म हो सकती हैं।

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