सीख / साहस के साथ ही बुद्धि का भी उपयोग करेंगे तो सफलता जरूर मिलती है



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  • कथा- राजा अपने सौ पुत्रों में से किसी एक को बनाना चाहता था राजा, एक दिन राजा ने सभी पुत्रों के लिए विशेष भोज रखा

Dainik Bhaskar

Oct 10, 2019, 06:19 PM IST

जीवन मंत्र डेस्क। प्रचलित कथा के अनुसार पुराने समय में एक राजा के सौ पुत्र थे। राजा-रानी सभी पुत्रों से बराबर प्रेम करते थे, ऐसे में उनके सामने एक समस्या थी कि राज्य का अगला राजा किसे बनाएं? जब राजा बूढ़ा हो गया तो उसने सोचा कि अब किसी एक योग्य पुत्र को राजा घोषित कर देना चाहिए। बूढ़े राजा को समझ नहीं आ रहा था सौ पुत्रों में से योग्य राजा की खोज कैसे की जाए? योग्य उम्मीदवार चुनने के लिए राजा ने एक शाम सभी पुत्रों के लिए विशेष भोज आयोजित किया।

  • सभी राजकुमार भोजशाला में उपस्थित हो गए। खाने के लिए सभी पुत्र अपनी-अपनी जगह पर बैठ गए, सभी के सामने शाही खाना लगा दिया गया। राजा भोजशाला में छिपकर सारी व्यवस्था देख रहे थे।
  • सभी राजकुमार खाने की शुरुआत करने ही वाले थे, तभी भोजन स्थल पर बूढ़े राजा के आदेश से जंगली कुत्ते छोड़ दिए गए।
  • वहां जंगली कुत्तों को देखकर कुछ राजकुमार खाना छोड़कर उन कुत्तों का शिकार करने लगे, कुछ डर के भाग गए। भोजन स्थल पर सबकुछ बर्बाद हो गया। अगली सुबह राजा ने सभी राजकुमारों को दरबार में बुलाया। दरबार में सभी राजकुमार उपस्थित हो गए।
  • राजा ने पुत्रों से पूछा कि कल शाम सभी ने खाना खाया या नहीं। कुछ राजकुमारों ने कहा कि हम तो खाना ही नहीं सके, क्योंकि हम कुत्तों का शिकार कर रहे थे। कुछ राजकुमारों ने कहा कि हम कुत्तों से डर गए थे और वहां अपने प्राण बचाकर भाग गए। अंत में एक राजकुमार ने कहा कि महाराज मैंने भोजन किया था। खाना बहुत स्वादिष्ट था। ये बात सुनकर राजा ने कहा कि ऐसे माहौल में तुमने भोजन कैसे कर लिया? जंगली कुत्तों ने तुम्हें कैसे खाने दिया? 
  • राजकुमार ने कहा कि राजन सभी राजकुमार खाने छोड़कर उठ गए थे। इस तरह मेरे पास खाने की 99 थालियां थीं। जैसे ही कोई जंगली कुत्ता मेरे पास आता मैं एक-एक थाली उन्हें दे रहा था और खुद भी खा रहा था। कुछ कुत्तों ने मुझ पर झपटने की कोशिश की तो मैंने उन्हें तलवार से मार दिया। ये जवाब सुनकर सभी दरबारी उस राजकुमार की प्रशंसा करने लगे। राजा ने भी उस राजकुमार को ही नया राजा घोषित कर दिया।

कथा की सीख - इस छोटी सी कथा की सीख यह है कि अगर हम साहस के साथ ही बुद्धि का भी उपयोग करेंगे तो किसी भी काम में आसानी से सफलता हासिल कर सकते हैं। साहस के साथ बुद्धि का गुण व्यक्ति को शिखर तक पहुंचा सकता है।

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