पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Motivational Story, Inspirational Story, Story About Success, Prerak Prasang

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

जब तक दिमाग में नकारात्मक बातें चलती रहेंगी, तब तक हम सफल नहीं हो सकते

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
  • एक राजकुमार गहरी नदी में डूबने लगा, दूसरे राजकुमार और सैनिकों ने सोच लिया कि अब ये बच नहीं पाएगा और दुखी होकर किनारे पर बैठ गए

जीवन मंत्र डेस्क। एक प्रचलित कथा के अनुसार पुराने समय में एक राजा के पुत्र थे। दोनों राजकुमारों ने एक दिन सोचा कि जंगल का भ्रमण करना चाहिए, शिकार करना चाहिए। ये सोचकर दोनों राजकुमार कुछ सैनिकों के साथ वन की ओर निकल पड़े। रास्ते में उन्हें एक नदी दिखाई दी।

  • राजकुमारों ने सोचा कि नदी में के स्नान करना चाहिए, कुछ देर नदी में आनंद लेते हैं। ऐसा सोचकर दोनों राजकुमार नदी में उतर गए। दोनों की तैरना जानते थे। एक राजकुमार तैरते-तैरते कुछ दूर निकल गया, वहां नदी का बहाव तेज था और गहराई भी अधिक थी। जबकि दूसरा राजकुमार किनारे पर ही था, जब उसने देखा कि उसका भाई बहुत आगे चला गया तो वह नदी से बाहर निकला और उसे बुलाने लगा।
  • नदी के बीच में पहुंच चुका राजकुमार थक चुका था, वह गहराई और बहाव देखकर घबरा गया। तभी दूसरे राजकुमार ने किनारे पर रखा लकड़ी का बड़ा टुकड़ा पानी में फेंक दिया। वह लकड़ी डूबते राजकुमार के पास नहीं पहुंच सकी। वह लगातार बाहर निकलने का प्रयास कर रहा था।
  • किनारे पर खड़ा दूसरा राजकुमार और सैनिक सोच रहे थे कि अब इनका बाहर निकलना असंभव है, ये डूब जाएगा। ये बातें सोचते-सोचते वे दुखी होने लगे और वहीं किनारे पर बैठ गए। किनारे पर बैठे निराश लोगों को देखकर नदी में डूब रहा राजकुमार भी हताश हो गया। उसके दिमाग में नकारात्मक बातें चलने लगी। उसे लगा कि वह अब बच नहीं पाएगा। नदी के साथ बहते हुए राजकुमार आगे निकल गया। कुछ देर बाद किनारे पर बैठे राजकुमार और सैनिकों ने देखा कि दूसरी ओर से एक संन्यासी और एक युवक उनकी ओर आ रहे हैं। जब वे दोनों पास पहुंचे तो राजकुमार और सैनिक हैरान हो गए, क्योंकि संन्यासी के साथ नदी में डूब रहा राजकुमार था। सभी ने उस राजकुमार से पूछा कि वह कैसा बचा? तब संन्यासी ने कहा कि मैं समझाता हूं, ये नदी से बाहर कैसे निकला।
  • जब ये नदी में बहकर दूर तक चला गया तो ये वहां अकेला था, इसे निराश करने वाली बातें नहीं थी, कोई भी इसका उत्साह कम करने वाला नहीं था। इसने खुद को ये समझाया कि वह नदी से बाहर निकल सकता है, अपनी सोच को सकारात्मक किया और बाहर निकलने की कोशिश करने लगा। कुछ ही देर में इसे लकड़ी का बड़ा टुकड़ा मिल गया, जिसे पकड़कर ये किनारे तक पहुंच गया।
  • जो लोग नकारात्मकता से घिरे रहते हैं, उन्हें सफलता नहीं मिल पाती है। इसीलिए हमेशा सकारात्मक सोचना चाहिए। तभी परेशानियों को दूर कर सकते हैं।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज कोई लाभदायक यात्रा संपन्न हो सकती है। अत्यधिक व्यस्तता के कारण घर पर तो समय व्यतीत नहीं कर पाएंगे, परंतु अपने बहुत से महत्वपूर्ण काम निपटाने में सफल होंगे। कोई भूमि संबंधी लाभ भी होने के य...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser