प्रसंग / खुद पर और अपने कर्म पर भरोसा रखने वाले लोग एक दिन सफल जरूर होते हैं



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  • स्वामी विवेकानंद और उनकी शिष्या एक घोड़ा गाड़ी में घूम रहे थे, तभी गाड़ी वाले ने बताया कि वह पहले बैंक मैनेजर था और धनवान था

Dainik Bhaskar

Sep 21, 2019, 01:03 PM IST

जीवन मंत्र डेस्क। स्वामी विवेकानंद के जीवन के कई ऐसे प्रसंग हैं, जो सुखी और सफल जीवन के सूत्र बताते हैं। यहां जानिए ऐसा ही एक प्रसंग, जिसमें आत्मविश्वास और अपने कर्म पर भरोसा रखने का संदेश छिपा है।

  • चर्चित प्रसंग के अनुसार स्वामी विवेकानंद विदेश गए हुए थे। वहां उनकी जान-पहचान एक धनी परिवार की महिला से हो गई। वह स्वामीजी से बहुत प्रभावित हुई और उनकी शिष्या बन गई। एक दिन वे दोनों घोड़ा गाड़ी से शहर में घूम रहे थे। रास्ते में गाड़ी वाले ने गाड़ी रोकी, वहां सड़क किनारे बैठे एक वृद्ध महिला और कुछ बच्चे बैठे थे। गाड़ी वाला उनके पास गया और बच्चों को प्यार किया और महिला को कुछ रुपए देकर लौट आया। स्वामीजी के साथ बैठी धनी महिला ये सब देख रही थी। जब गाड़ी वाले फिर से गाड़ी चलाना शुरू की तो महिला ने उससे पूछा कि आप किससे मिलने गए थे, वे लोग कौन हैं?
  • उस व्यक्ति ने कहा कि वह मेरी पत्नी और बच्चे थे। पहले मैं एक बैंक का मैनेजर था और बहुत धनी था। बैंक को नुकसान हुआ और मैं कर्ज में डूब गया, मेरा सारा धन खत्म हो गया। किसी तरह मेहनत करके मैंने ये घोड़ा गाड़ी खरीदी है और परिवार को उस स्थान पर छोटा सा घर लेकर रखा है। मैं लगातार मेहनत कर रहा हूं, जैसे ही मेरा बुरा वक्त खत्म होगा, मैं एक नया बैंक फिर से खोलूंगा। मुझे विश्वास है कि मैं जल्दी बैंक को विकसित कर लूंगा। गाड़ी वाले की ये बातें सुनकर विवेकानंद बहुत प्रभावित हुए।
  • स्वामीजी ने महिला से कहा कि ये व्यक्ति एक दिन अपने लक्ष्य पर जरूर पहुंचेगा। इतने बुरे समय में भी इसका आत्मविश्वास मजबूत है और इसे अपने कर्म पर पूरा भरोसा है। जिन लोगों में ये गुण होते हैं, वे बुरी से बुरी परिस्थितियों से बाहर निकल सकते हैं और कामयाब हो सकते हैं।
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