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पर्व / वसंत पंचमी पर बनेगा ग्रह-नक्षत्रों का विशेष संयोग, खुद की ही राशि में रहेंगे 3 ग्रह

Basant Panchami 2020 Date Kab Hai: Basant Panchami (Vasant Panchami) Date Time Shubh Muhurat 2020,  Basant Panchami Puja Vidhi Significance and benefits
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Basant Panchami 2020 Date Kab Hai: Basant Panchami (Vasant Panchami) Date Time Shubh Muhurat 2020,  Basant Panchami Puja Vidhi Significance and benefits

  • सर्वार्थसिद्धि और रवियोग बनने के साथ, बृहस्पति, मंगल और शनि रहेंगे स्वयं की राशि में

Dainik Bhaskar

Jan 20, 2020, 01:53 PM IST

जीवन मंत्र डेस्क. माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को बसंत पंचमी पर्व मनाया जाएगा। विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का जन्मोत्सव वसंत पंचमी यानी 29 जनवरी को है। वसंत पंचमी के दिन सिद्धि व सर्वार्थसिद्धि योग जैसे दो शुभ मुहूर्त का संयोग भी बन रहा है। इस कारण पंडितों ने इसे वाग्दान, विद्यारंभ, यज्ञोपवीत अादि संस्कारों व अन्य शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना है। बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की आराधना के साथ ही विवाह के शुभ मुहूर्त भी रहेंगे। 

ग्रह-नक्षत्रों की शुभ स्थिति

  • काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ज्योतिषाचार्य पं गणेश मिश्रा के अनुसार इस बार बसंत पंचमी इसलिए भी श्रेष्ठ है,क्योंकि सालों बाद ग्रह और नक्षत्रों की स्थिति इस दिन को और खास बना रही है। इस बार तीन ग्रह खुद की ही राशि में रहेंगे। मंगल वृश्चिक में, बृहस्पति धनु में और शनि मकर राशि में रहेंगे। विवाह और अन्य शुभ कार्यों के लिए ये स्थिति बहुत ही शुभ मानी जाती है। 
  • पं मिश्रा के अनुसार वसंत पंचमी अबूझ मुहूर्त वाले पर्वों की श्रेणी में शामिल है, लेकिन इस दिन गुरुवार व उतराभाद्रपद नक्षत्र होने से सिद्धि योग बनेगा। इसी दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा। दोनों योग रहने से वसंत पंचमी की शुभता में और अधिक वृद्धि होगी।

वसंत पंचमी कब

इस साल बसंत पंचमी को लेकर पंचाग भेद भी है। इसलिए कुछ जगहों पर ये पर्व में 29 अौर कई जगह 30 जनवरी को बसंत पंचमी मनाई जाएगी। पं मिश्रा के अनुसार पंचमी तिथि बुधवार सुबह 10.46 से शुरू होगी जो गुरूवार दोपहर 1.20 तक रहेगी। दोनों दिन पूर्वाह्न व्यापिनी तिथि रहेगी। धर्मसिंधु आदि ग्रंथों के अनुसार यदि चतुर्थी तिथि विद्धा पंचमी होने से शास्त्रोक्त रूप से 29 जनवरी बुधवार को वसंत पंचमी मनाना श्रेष्ठ रहेगा। 

सरस्वती पूजा

बसंत पंचमी यानी माघ शुक्ल पंचमी को ज्ञान और बुद्धि की देवी मां सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में बसंत पंचमी के मनाया जाता है। इस मौके पर मां सरस्वती और भगवान श्री विष्णु जी की पूजा की जाती है और मौसम में आसानी से उपलब्ध होने वाले फूल चढ़ाए जाते हैं। कई जगह लेखनी और ग्रंथों की पूजा भी की जाती है।

विद्यारंभ पर्व

पं मिश्रा के अनुसार वैवाहिक जीवन के लिए सर्वार्थसिद्धि और रवियोग का संयाेग बनेगा। जो मांगलिक और शुभ कामों की शुरुआत करने एवं परिणय सूत्र में बंधने के लिए श्रेष्ठ है। वसंत पंचमी  पर्व विद्यारंभ करने का शुभ दिन माना जाता है। 

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