पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करें
जीवन मंत्र डेस्क. सूर्यदेव के मीन राशि में प्रवेश के साथ ही 14 मार्च से खरमास प्रारंभ होगा, जो 13 अप्रैल तक रहेगा। इस एक माह की अवधि में विवाह व अन्य मंगल कार्य नहीं होंगे। पूजा-पाठ व भजन-कीर्तन और सत्संग किए जा सकेंगे। इस अवधि में दान-पुण्य करना अति विशिष्ट फलदायी होता है। खरमास को मलमास भी कहते हैं। इसमें भगवान विष्णु सूर्य आराधना का विशेष महत्व है।
खरमास के दौरान नहीं किए जाते शुभ काम
खरमास में की जाती है भगवान विष्णु की पूजा
ज्योतिषाचार्य पं. मिश्रा के अनुसार खरमास में विवाह, नवीन प्रतिष्ठान का शुभारंभ, भवन निर्माण के लिए भूमिपूजन, शिलान्यास आदि काम नहीं किए जाते हैं। इन दिनों में सुबह जल्दी उठकर सूर्य को जल चढ़ाने से आरोग्यता मिलती है। पुराणों के अनुसार खरमास के दौरान भगवान विष्णु की पूजा की जानी चाहिए। इसके साथा ही भगवान सूर्य को सुबह जल चढ़ाया जाता है।
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.