व्रत-उपवास / यशोदा जयंती 14 को, संतान की लंबी उम्र के लिए इस दिन की जाती है पूजा और व्रत

On Yashoda Jayanti 14, children are worshiped and fasted on this day for a long life.
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On Yashoda Jayanti 14, children are worshiped and fasted on this day for a long life.

  • माता यशोदा का जन्म पर्व दक्षिण भारतीय राज्यों सहित दुनियाभर के इस्कॉन टेम्पल्स में मनाया जाता है।

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2020, 05:00 PM IST

जीवन मंत्र डेस्क. उत्तर भारतीय पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष छठे दिन यानी षष्ठी तिथि को यशोदा जयन्ती मनायी जाती है। श्रीकृष्ण की माता यशोदा का जन्म पर्व गुजरात, महाराष्ट्र तथा दक्षिण भारतीय राज्यों में भी मनाया जाता है। इस बार 14 फरवरी शुक्रवार को मां यशोदा जंयती मनाई जाएगी। 

  • देशभर में भगवान कृष्ण के मंदिरों के साथ ही दुनियाभर में फैले इस्कॉन टेम्पल्स में भी यशोदा जयंती का त्योहार उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस त्यौहार को गोकुल में धूमधाम से मनाया जाता है क्योंकि यहीं पर भगवान कृष्ण ने माता यशोदा के साथ अपना बचपन बीताया। श्रीकृष्ण द्वारका के राजा थे जो आज गुजरात में है, इसलिए गुजरात में भी यशोदा जयंती का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन यहां के लोग अपने घरों को माता यशोदा और कृष्ण की तस्वीरों से सजाते हैं।

माता यशोदा की जन्म कथा

ब्रह्मा जी के आशीर्वाद से फाल्गुन मास के कृष्णपक्ष की षष्ठी तिथि को ब्रज में स्थित सुमुख नाम के गोप और उनकी पत्नी पाटला के यहां कन्या रूप में यशोदा का जन्म हुआ। उनका विवाह ब्रज के राजा नंद से किया गया। नंद पिछले जन्म में द्रोण थे।

  • एक अन्य कथा के अनुसार पूर्व जन्म में माता यशोदा ने भगवान विष्णु की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें वर मांगने को कहा। यशोदा माता ने बोला कि मेरी तपस्या तभी पूर्ण होगी जब आप मुझे पुत्र के रूप में प्राप्त होंगे। भगवान ने प्रसन्न होकर कहा कि मैं वासुदेव और माता देवकी के घर जन्म लूंगा, लेकिन मुझे मातृत्व का सुख आपसे ही प्राप्त होगा। समय के साथ ऐसा ही हुआ, माता यशोदा ने ही श्रीकृष्ण को मातृत्व सुख दिया।

यशोदा जयंती का महत्व

  1. यशोदा जयंती का पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि के दिन मनाया जाता है। 
  2. यशोदा जयंती के दिन माता यशोदा की गोद  में विराजमान श्रीकृष्ण के बाल रूप और मां यशोदा की पूजा की जाती है।
  3. शास्त्रों में बताया गया है की इस दिन माता यशोदा और श्री कृष्ण की पूजा करने से सभी प्रकार की संतान संबंधी परेशानियां दूर हो जाती है।
  4. जो भी व्यक्ति इस दिन माँ यशोदा और श्री कृष्ण की पूजा करता है उसकी सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती है। 
  5. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अगर कोई स्त्री सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ यशोदा जयंती के दिन भगवान श्री कृष्ण और यशोदा जी की करती है तो उसे भगवान श्री कृष्ण के बाल रूप के दर्शन प्राप्त होते हैं और उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।
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