परंपरा / विवाह में तनाव मुक्त और स्वस्थ्य रहे जोड़ा इसलिए लगाई जाती है हल्दी

This is why turmeric is applied in a marriage for stress-free and healthy couples
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This is why turmeric is applied in a marriage for stress-free and healthy couples

शोधकर्ताओं के अनुसार हल्दी एंटी-बायोटिक होती है और इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी होता है

Dainik Bhaskar

Nov 27, 2019, 12:19 PM IST


 

जीवन मंत्र डेस्क. भारतीय परंपरा के अनुसार शादी में हल्दी के शगुन को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। शादी में लड़के व लड़की दोनों को हल्दी की रस्म निभानी पड़ती है। इस रस्म से जुड़े सभी के अपने-अपने तरीके और मान्यताएं होती हैं। ऐसी भी मान्यता है कि हल्दी लगने के बाद दूल्हा और दुल्हन को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। इन सभी के पीछे धार्मिक के साथ-साथ वैज्ञानिक कारण भी हैं।

  • ये है इस रस्म का वैज्ञानिक पहलू
  1. पुराने समय में पार्लर या किसी भी तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट नहीं थे, इसलिए प्राकृतिक चीजों से चेहरे की खूबसूरती को बढ़ाया जाता था। शोधकर्ताओं का कहना है कि हल्दी से स्किन साफ, सुंदर और चमकदार होती है। दूल्हा -दुल्हन को हल्दी इसलिए भी लगाई जाती है, क्योंकि यह एक प्राकृतिक एंटी-बायोटिक होती है और शरीर में कहीं चोट और जलने का निशान हो तो त्वचा पर न रहें। 
  2. हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट होने की वजह से सिर दर्द और डिप्रेशन कम होता है। इसलिए शादी की टेंशन को दूर करने के लिए हल्दी रस्म बेहद जरूरी है। हल्दी लगाने के बाद घर से बाहर ना निकलने देने के पीछे भी वैज्ञानिक पक्ष है, ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि हल्दी लगाने के बाद सीधे धूप में आने पर त्वचा काली पड़ जाती है।
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