दर्शन / मध्यप्रदेश में ताप्ती घाट पर है सूर्य परिवार का मंदिर, यहां साथ होती है सूर्य और शनि की पूजा

Temple of Surya family is on Tapti Ghat in Madhya Pradesh, worship of Sun and Shani is here
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Temple of Surya family is on Tapti Ghat in Madhya Pradesh, worship of Sun and Shani is here

  • 13 फरवरी तक सूर्य और शनि रहेंगे एक ही राशि में, ऐसे संयोग पर सूर्य परिवार मंदिर में होती है विशेष पूजा

दैनिक भास्कर

Jan 25, 2020, 06:09 PM IST

जीवन मंत्र डेस्क. मध्यप्रदेश के बैतूल में सूर्य के साथ पुत्र शनि और पुत्री ताप्ती की भी पूजा होती है। यहां एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जिसे सूर्य परिवार का मंदिर कहा जाता है। यह मंदिर बैतूल के खेड़ी गांव में ताप्ती नदी के किनारे बना है। इस मंदिर में भगवान शनि और सूर्य दोनों की पूजा की जाती है। मंदिर के पुजारी पं राजेश दुबे के अनुसार ये देश का इकलौता सूर्य परिवार मंदिर है। ज्योतिष ग्रंथों में शनि और सूर्य और पास में शत्रु माना गया है। इसलिए देश में कुछ ही मंदिर ऐसे हैं जहां सूर्य और शनि दोनों की पूजा की जाती हैं।

महाभारत और स्कंदपुराण में सूर्य पुत्री ताप्ती

बैतूल के खेड़ी में ताप्ती नदी के किनारे एक ऐसा मंदिर है जो सूर्य परिवार मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यहां भगवान सूर्य और उनके पुत्र शनि की प्रतिमाएं हैं। इनके साथ ही भाई-बहन यम और ताप्ती की प्रतिमा भी है। ताप्ती को सूर्य पुत्री कहा जाता है। इसका उल्लेख महाभारत के आदी पर्व, स्कंद और वायु पुराण में है। वहीं, शनि और यम, सूर्य के बेटे हैं। भगवान शनि और उनकी बहन ताप्ती देवी की यहां एक साथ उपासना होती है। इसलिए इसे भाई बहन के मंदिर का स्थान भी मिला है। 

मंदिर में संपूर्ण सूर्य परिवार 

बैतूल के ताप्ती नदी तट पर बने मंदिर में संपूर्ण सूर्य परिवार की प्रतिमाएं स्थापित हैं। इसमें मंदिर शिखर पर मां ताप्ती के पिता सूर्यनारायण, गर्भगृह में देवी ताप्ती की प्रतिमा, सूर्यदेव की दोनों पत्नियां संध्या और छाया, यमदेव मंदिर परिसर में मां ताप्ती की भाई और सूर्यपुत्र शनिदेव तथा यमुना महारानी सहित संपूर्ण सूर्य परिवार की प्रतिमाएं स्थापित हैं। 

सूर्य-शनि पूजा

मंदिर के पुजारी पं दुबे के अनुसार ज्योतिषीय संयोग यानी जब सूर्य और शनि का एक राशि में होते हैं। तब इस मंदिर में पूजा करने से ग्रहों की इस अशुभ युति का प्रभाव कम हो जाता है। इसके साथ ही सूर्य परिवार की पूजा करने से हर तरह की परेशानियों से छुटकारा मिलता है। इस मंदिर पर खासतौर से मकर संक्रांति और कार्तिक माह के भाई-दूज पर्व पर विशेष पूजा और स्नान किया जाता है।

करीब 30 फीट लंबा और 60 फीट चौड़ा मंदिर

ये मंदिर मुख्य रूप से ताप्ती देवी का मंदिर है, लेकिन यहां यही एक ऐसा मंदिर है जहां पूरे सूर्य परिवार की पूजा की जाती है। ये मंदिर करीब 24 लाख रुपए की लागत में तैयार हुआ है। मंदिर का परिसर करीब 100 फीट लंबा और इतना ही चौड़ा है, जबकि मुख्य मंदिर की लंबाई लगभग 30 फीट और चौड़ाई 60 फीट है।

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