तीज-त्योहार / मंगलवार और मार्गशीर्ष अमावस्या का योग आज, क्या करें और क्या न करें

Today, what to do and what not to do on Tuesday and Margashirsha Amavasya
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Today, what to do and what not to do on Tuesday and Margashirsha Amavasya

सालभर में आने वाली 12 प्रमुख अमावस्याओं में से एक है मार्गशीर्ष अमावस्या

Dainik Bhaskar

Nov 25, 2019, 02:06 PM IST

जीवन मंत्र डेस्क. हिन्दू धर्म में अमावस्या का विशेष महत्व है, जो हर महीने में एक बार आती है। वहीं अगहन मास में आने वाली अमावस्या का अपना खास महत्व है। इसे मार्गशीर्ष अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है, जो कि इस वर्ष 26 नवंबर को है। इस अमावस्या का महत्व कार्तिक माह की अमावस्या से कम नहीं माना जाता है। इस दिन पितरों को याद करने के अलावा गंगा स्नान भी किया जाता है।

  • कितने तरह की अमवस्या

अमावस्या माह में एक बार ही आती है। मतलब यह कि पूरे साल में 12 अमावस्याएं होती हैं। जिनमें प्रमुख अमावस्याएं, सोमवती अमावस्या, भौमवती अमावस्या, मौनी अमावस्या, शनि अमावस्या, हरियाली अमावस्या, कार्तिक अमावस्या, सर्वपितृ अमावस्या आदि मुख्‍य मानी गई हैं। संयोगों से बनने वाली इन अमावस्या तिथियों पर विशेष पूजा-अनुष्ठान, दान और स्नान करने का महत्व बताया गया है। 

  • भौमावस्या का महत्व

ग्रंथों के अनुसार मंगलवार के दिन आने वाली अमावस्या को भौमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है। 26 नवंबर मंगलवार यानी आज ये शुभ संयोग बन रहा है। मंगलवार के दिन अमावस्या होने के कारण हनुमानजी और मंगल देवता की उपासना करना बहुत लाभदायी माना गया है। मंगलवारी अमावस्या के दिन पितरों का पूजन करने से मनुष्य पितृ ऋण से मुक्त हो जाता है तथा पितृ भी प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं।

इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण और पिंड दान तथा दान देने का भी खास मह‍त्व है। इतना ही नहीं इस दिन जो लोग कर्ज, ऋण आदि से निरंतर परेशान रहते हैं, उन्हें इस दिन रामभक्त हनुमानजी की आराधना विशेष तौर पर करना चाहिए। विष्णु पुराण के अनुसार अमावस्या का उपवास रखने से पितृगण के साथ-साथ सूर्य, अग्नि, वायु, ब्रह्मा, इंद्र, रुद्र, अष्टवसु, अश्विनी कुमार, ऋषि तृप्त होकर प्रसन्न होते है तथा सुखी रहने का आशीर्वाद भी देते हैं।

  • क्या करें क्या नहीं करें
  1. संभव हो तो इस दिन उपवास रखना चाहिए। जानकार इसके साथ ही सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना चाहिए
  2. मंगलवार और मार्गशीर्ष अमावस्या के संयोग पर पितरों के लिए पूजा और दान करना चाहिए।
  3. इस दिन किसी भी प्रकार की तामसिक वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए।
  4. इस दिन शराब आदि नशे से भी दूर रहना चाहिए। इसके शरीर पर ही नहीं, आपके भविष्य पर भी दुष्परिणाम हो सकते हैं।
  5. नकारात्मकता से बचने के लिए इस दिन हनुमान मंदिर दर्शन के लिए जाना चाहिए।
  6. मन और शरीर को पवित्र बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए। पूरे दिन नियम और संयम से रहना चाहिए।
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