रामकथा / रामायण के सुंदरकांड में हनुमानजी ने बताया है कि कब हमें ताकत दिखानी चाहिए और कब नहीं

Dainik Bhaskar

Mar 15, 2019, 12:10 PM IST


Ramayana 2019: In the Sunderkand Hanumanji teach That When we Should Show Power
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Ramayana 2019: In the Sunderkand Hanumanji teach That When we Should Show Power
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रामायण के सुंदरकांड में बताया गया है कि खुद की शक्ति का प्रदर्शन कब, कहां और कैसे करना चाहिए। रामायण में ये भी बताया है कि अपनी शक्ति या खुद पर अहंकार नहीं करना चाहिए। रामचरित मानस में तुलसीदास जी ने हनुमान और सीताजी के संवाद से ये समझाया है कि इंसान को किसी परिस्थिति में कैसा व्यवहार करना चाहिए। सुंदरकांड में हनुमान जी ने सीताजी को अपनी शक्ति दिखाई थी। ऐसा करना जरूरी भी था, क्योंकि सीताजी को हनुमान जी पर विश्वास नहीं हो रहा था। हनुमानजी ने अपनी शक्ति दिखाने पर अहंकार भी नहीं किया।

 

रामायण के इस प्रसंग से सीखें कब और कहां अपनी ताकत दिखानी चाहिए

  • हनुमानजी जब लंका में पहुंचे तो उन्होंने सीताजी को ढूंढा। फिर उनसे मिलकर हनुमानजी ने बताया कि भगवान श्रीराम जल्दी ही वानरों की सेना के साथ लंका पर आक्रमण करेंगे।
  • हनुमानजी सीताजी को भरोसा दिला रहे थे, लेकिन उनको विश्वास नहीं हो रहा था। हनुमानजी ने कहा, आप भरोसा रखें। प्रभु श्रीराम आएंगे और आपको ले जाएंगे। वैसे तो मैं आपको यहां से ले जा सकता हूं, लेकिन श्रीराम की ऐसी आज्ञा नहीं है। 
  • सीताजी ने कहा कि- राक्षस बहुत बलवान हैं और वानर तुम्हारी तरह छोटे-छोटे होंगे, तुम उनसे जीत नहीं पाओगे। इतना सुनते ही हनुमानजी ने अपने शरीर को पर्वत के समान विशाल कर लिया। हनुमानजी का ऐसा रुप देखकर सीताजी को विश्वास हो गया। 
  • इसके तुरंत बाद हनुमानजी फिर सामान्य रुप में आ गए। उन्हें लगा कि कहीं माता सीता ये न लगे कि मैं अपनी बढ़ाई कर रहा हूं। 

 

रामायण में तुलसीदासजी ने लिखा है- 

सुनु माता साखामृग नहिं बल बुद्धि बिसाल 

प्रभु प्रताप तें गरुड़हि खाइ परम लघु ब्याल 
 

अर्थ- हे माता सुनो, वानरों में बहुत बल-बुद्धि नहीं होती, लेकिन प्रभु के प्रताप से बहुत छोटा सर्प भी गरुड़ को खा सकता है।

 

  • यहां हनुमानजी ने अपनी ताकत तो दिखाई, लेकिन उसे परमात्मा से जोड़ दिया। इस तरह अपनी बढ़ाई और श्रेष्ठता को जो लोग परमात्मा से जोड़ देते हैं उन्हें अहंकार नहीं आता। हमें यही बात हनुमानजी से सीखनी चाहिए कि भले ही हम में कितनी भी काबिलियत हो, लेकिन अहंकार न करें।

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