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रामायण / मरते समय रावण ने लक्ष्मण को बताए थे अपने नाश के 3 कारण



Danik Bhaskar | Sep 11, 2018, 05:59 PM IST

रिलिजन डेस्क. जब रावण रणक्षेत्र में राम भगवान के हाथों हारकर मरणासन्न अवस्था में था, उस समय भगवान राम ने लक्ष्मण से कहा कि रावण महाज्ञानी तुम उसके पास जाओ और उससे कुछ शिक्षा लो। तब लक्ष्मण मरणासन्न अवस्था में पड़े रावण के पास गए और रावण के सिर के पास जाकर खड़े हो गए। तब रावण ने कुछ नहीं कहा। ये बात लक्ष्मणजी ने वापस आकर रामजी को बताई। तब भगवान ने कहा कि यदि किसी से ज्ञान प्राप्त करना हो तो उसके चरणों के पास खड़े होना चाहिए। यह बात सुनकर लक्ष्मण फिर जाकर रावण के पैरों की तरफ खड़े हो गए। उस समय रावण ने लक्ष्मण को सर्वनाश से बचने के लिए तीन बातें बताई थीं।

ये हैं वो बातें

  1. अशुभ काम को जितना हो सके टालना चाहिए

    पहली बात जो रावण ने लक्ष्मण को बताई वह ये थी कि शुभ कार्य जितनी जल्दी हो कर डालना और अशुभ को जितना टाल सकते हो टाल देना चाहिए यानी शुभस्य शीघ्रम्। 
    - मैंने श्रीराम को पहचान नहीं सका और उनकी शरण में आने में देरी कर दी, इसी कारण मेरी यह हालत हुई।

  2. शत्रु को कभी नहीं समझना चाहिए कमजाेर

    अपने शत्रु को कभी अपने से छोटा या कमजोर नहीं समझना चाहिए, मैंने यही भूल कर गया। मैंने जिन्हें साधारण वानर और भालू समझा उन्होंने मेरी सेना को नष्ट कर दिया। 
    - मैंने जब ब्रह्माजी से अमरता का वरदान मांगा था तो मैंने कहा था कि मनुष्य और बंदर के अलावा के मुझे और कोई न मार सके क्योंकि मैं इन दोनों को तुच्छ समझता था।

  3. कभी किसी को न बताएं अपना महत्वपूर्ण

    रावण ने लक्ष्मण को तीसरी और अंतिम बात ये बताई कि अपने जीवन का कोई राज हो तो उसे किसी को भी नहीं बताना चाहिए। 
    - यहां भी मैं चूक गया क्योंकि विभीषण मेरी मृत्यु का राज जानता था। ये मेरे जीवन की सबसे बड़ी गलती थी।