कुंभ 2019 / ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे सामान खोने की रिपोर्ट, फोन से ट्रैक कर पाएंगे गुम हुए लोगों को



मेले का निरीक्षण करते घुड़सवार पुलिसकर्मी। मेले का निरीक्षण करते घुड़सवार पुलिसकर्मी।
सर्चिंग की मॉकड्रिल करते सेना के जवान। सर्चिंग की मॉकड्रिल करते सेना के जवान।
मॉकड्रिल करते स्वास्थ्यकर्मी। मॉकड्रिल करते स्वास्थ्यकर्मी।
कुंभ के दौरान मिलिट्री भी रहेगी तैनात। कुंभ के दौरान मिलिट्री भी रहेगी तैनात।
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मेले का निरीक्षण करते घुड़सवार पुलिसकर्मी।मेले का निरीक्षण करते घुड़सवार पुलिसकर्मी।
सर्चिंग की मॉकड्रिल करते सेना के जवान।सर्चिंग की मॉकड्रिल करते सेना के जवान।
मॉकड्रिल करते स्वास्थ्यकर्मी।मॉकड्रिल करते स्वास्थ्यकर्मी।
कुंभ के दौरान मिलिट्री भी रहेगी तैनात।कुंभ के दौरान मिलिट्री भी रहेगी तैनात।

Dainik Bhaskar

Jan 12, 2019, 05:28 PM IST

यूटिलिटी डेस्क. साल 2019 में प्रयागराज में कुंभ होने जा रहा है, जिसकी शुरुआत मकर संक्रांति के साथ होगी। करीब 50 दिन तक चलने वाले इस मेले में 15 करोड़ लोगों के शामिल होने की आशंका है। मेला प्रशासन की तरफ से श्रद्धालुओं की सुरक्षा, चिकित्सा से लेकर खोने-पाने की ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज कराने की भी सुविधा दी गई है।

बना है आईसीयू सुविधाओं से संपन्न 100 बिस्तरों वाला हॉस्पिटल

  1. निगरानी: एक हजार सीसीटीवी से रखी जाएगी नजर

    • प्रशासन 1000 से ज्याादा सीसीटीवी कैमरों की मदद से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी कर रहा है। पूरे इलाके की पर नजर रखने के लिए 40 निगरानी टावर का निर्माण किया गया है। इसकी मदद से पुलिस के जवान मेला क्षेत्र की हर गतिविधि पर नजर रख सकेंगे।
    • आपातकालीन आग से बचाव के लिए मेला क्षेत्र में 40 अग्निशमन केन्द्र और 15 अग्निशमन चौकियों की स्थापना की गई है। जहां ज्यादा क्षमता वाली दमकल ट्रकें, पानी की बैछार करने वाली बाइक्स और जीपें होंगी।
    • इसके अलावा फायर एंबुलेंस और सांस लेने वाले उपकरण भी मौजूद होंगे। किसी तरह की जरूरत पड़ने पर इन केन्द्रों से संपर्क किया जा सकता है।

  2. पुलिस प्रशासन: बाइस हजार जवान रहेंगे तैनात

    • मेले में राज्य पुलिस बल, पीएसी और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के करीब 22,000 जवानों की तैनाती भी की गई है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर आर्मी के जवानों को भी तैनात किया जाएगा।
    • आपातस्थिति से निपटने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 40 पुलिस थाने, 3 महिला पुलिस थाने और 60 पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। इसके अलावा 4 पुलिस लाइन भी बनाई गई हैं।
    • किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर श्रद्धालु यहां संपर्क कर सकते हैं। 24 घंटे निगरानी के लिए मेला क्षेत्र में 1 घुड़सवार पुलिस लाइन को भी स्थापित किया गया है। जहां से घोड़े पर सवार पुलिसकर्मी हरदम मेला क्षेत्र की निगरानी करते रहेंगे।

  3. खोया-पाया: खोए लोगों का किया जाएगा डिजिटल पंजीकरण

    • मेले में लोगों को सुविधा के लिए पुलिस विभाग ने 15 उच्च तकनीक वाले खोया-पाया केन्द्रों की स्थापना की है। इन केन्द्रों पर श्रद्धालु खोए हुए अपने साथियों का डिजिटल पंजीकरण करा सकेंगे।
    • पंजीकरण के बाद स्पीकर से लापता व्यक्ति के नाम अनाउंस किए जाएंगे। ये संदेश सोशल मीडिया पर भी शेयर किए जाएंगे। इसके अलावा इसके लिए एक खास वेबसाइट भी शुरू की गई है जहां, लोग खोए हुए लोगों की लिस्ट उनकी फोटो के साथ देख सकते हैं।
    • मेला क्षेत्र में लापता व्यक्तियों के बारे में सूचना देने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर (1920) भी जारी किया गया है। इस पर फोन करके खोए हुए लोगों की जानकारी ली जा सकती है।
    • इन केन्द्रों पर जाकर श्रद्धालु खोए हुए सामान की भी कंप्लेन दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा सामान खोने की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए एक उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक डेडिकेटेड वेबसाइट बनाई है, जिस पर जाकर इसकी कंप्लेन दर्ज कराई जा सकती है।

  4. स्वास्थ्य सेवा: तैयार किया गया है 40 बिस्तरों वाला ट्रॉमा सेंटर

    • लोगों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में 40 बिस्तरों वाला एक ट्रॉमा सेंटर स्थापित किया गया है। इसके अलावा गंभीर रोगियों के उपचार के लिए न्यूरो सर्जरी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, इन्डोक्रइनोलॉजी, यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी, आनको सर्जरी, सीटीवीएस गैस्ट्रोइन्ट्रोलॉजी और कार्डियोलॉजी जैसे 10 सुपर स्पेशलिटी डिपार्टमेंट भी 24 घंटे उपाचर के लिए तैयार किए गए हैं।
    • मेला क्षेत्र में आईसीयू की सुविधाओं से सम्पन्न 100 बिस्तरों वाला एक हॉस्पिटल भी बनाया गया है। इसके अलावा किसी भी प्रकार की आकस्मिक दुर्घटना की स्थिति से निपटने के लिए शहर के स्वरूप रानी नेहरू हॉस्पिटल में 30 और अन्य सरकारी अस्पतालों में 5 बिस्तर रिजर्व किए गए हैं। आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए करीब 80 एंबुलेंस भी मेले में चलाई जाएंगी।

  5. लाइफ जैकेट के साथ तैनात रहेंगे प्रशिक्षित पुलिसकर्मी

    • मेले में भगदड़ रोकने के लिए भी तमाम उपाय किए गए हैं। इससे निपटने के लिए उच्च जोखिम वाले इलाकों में बैरीकेटिंग की गई है। इन इलाकों में हर समय पुलिस की तैनाती रहेगी।
    • इसके अलावा ऐसे इस तरह की किसी आपातस्थिति से निपटने के लिए विशेष आपदा प्रबंधन बलों की भी तैनाती की गई है। स्नान के दौरान डूबने से बचाने के लिए लाइफ जैकेट के साथ विशेष रूप से प्रशिक्षित पुलिस बल को भी तैनात किया गया है।

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