सीख / जब कोई गलती तो दूसरों को दोष नहीं देना चाहिए, माफी मांगने में संकोच न करें



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  • पं. श्रीराम शर्मा की बातें आपकी कई परेशानियां दूर कर सकती हैं

Dainik Bhaskar

Jul 14, 2019, 04:34 PM IST

जीवन मंत्र डेस्क। अगर आपने कभी किसी का दिल दुखाया है तो शर्म की वजह से छिपना नहीं चाहिए। कभी-कभी हम कुछ ऐसा कर बैठते है या बोल देते हैं, जिसकी वजह से हमें बाद में पछताना पड़ता है। ऐसे कर्मों की वजह से कई बार हम करीबियों को दुख पहुंचाते हैं। गायत्री परिवार के संस्थापक पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के अनुसार जानिए ऐसी परिस्थितियों में हमें क्या करना चाहिए...

  • दूसरों को दोष देना बंद करें

अपने आप को माफ करने से पहले ये जान लेना जरूरी है कि आखिर आपने किया क्या था। आपके साथ हुई घटना को विस्तार से लिख लें और अपनी उन बातों को भी लिखें, जिससे वह स्थिति उत्पन्न हुई हो। किसी और व्यक्ति या परिस्थितियों को दोष देने से बचें और सिर्फ अपने आप पर ध्यान केंद्रित करें।

  • माफी मांगने में संकोच न करें

हालांकि माफी मांगना आसान नहीं होता, लेकिन यदि आप किसी से माफी मांगने के लिए पहल करते हैं तो ये दर्शाता है कि आपसे गलती हुई थी और आप उसके लिए शर्मिन्दा हैं। इस तरह आप वैसी गलतियों को दोहराने से बच जाते हैं।

  • नकारात्मक विचारों को उत्पन्न होते ही त्याग दें

कभी-कभी सामने वाले व्यक्ति द्वारा माफ किए जाने पर भी हम खुद को माफ नहीं कर पाते हैं। स्वयं को माफ करना एक बार में ही संभव नहीं है, यह धीरे-धीरे समय के साथ होता है। इसीलिए जब भी आपके मन में नकारात्मक विचार आए गहरी सांस लेकर उसे उसी समय निकल दें। अपना ध्यान कहीं और लगा लें।

  • शर्म की वजह से छिपे नहीं, सामने आएं

अपनी किसी बड़ी गलती के बाद शर्म से छिप जाना बिलकुल भी अच्छा नहीं है। अपनी गलती के बाद हम अपने खास लोगों से नजरें मिलाने में झिझकते है, क्योंकि हमें डर होता है कि कहीं वह मुझे पिछली बात याद न दिला दे। ऐसी स्थिति में जैसे ही हम उनसे मिलने की हिम्मत जुटाते है, महसूस होगा कि हमारा डर गलत था।

  • अपनी गलतियों के लिए आभारी बने

अपनी गलतियों के प्रति आभारी होना आपको बिलकुल विचित्र लगेगा खासकर वैसी गलतियां जिनसे आपको शर्मिंदगी महसूस हुयी हो या दुःख पहुंचा हो लेकिन अगर आप गौर से एनालाइज करेंगे तो पाएंगे कि ऐसी की गयी गलतियों ने आपको कितना मजबूत और सुदृढ़ किया है।  आप ये देख पाएंगे कि इन्ही गलतियों की वजह से ही आप अधिक बुद्धिमान, मजबूत और विचारशील हो पाए हैं।

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