कर्क संक्राति / इस दिन दक्षिणायन में प्रवेश करते हैं सूर्य भगवान, शुरू होती है देवताओं की रात



Kark Sankranti 2019: Suryadva Will be Dakshinaayan on Kark Sankranti and God's Night will Start
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Kark Sankranti 2019: Suryadva Will be Dakshinaayan on Kark Sankranti and God's Night will Start

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2019, 02:58 PM IST

जीवन मंत्र डेस्क. सूर्य जब कर्क राशि में प्रवेश करता है तो इसे कर्क संक्रांति कहा जाता है। यह सूर्य देव की दक्षिण यात्रा के प्रारंभ को दर्शाती है जिसे दक्षिणायन भी कहते हैं। माना जाता है इस दिन से छः माह तक  देवताओं की रात्रि शुरू हो जाती है। भगवान विष्णु भी योगनिद्रा में चले जाते हैं। इस दिन भगवान विष्णु के पूजन का खास महत्व होता है। इस बार कर्क संक्रांति 16 जुलाई को है।

 

  • नहीं किए जाते हैं शुभ कार्य

इस दिन बहुत से भक्त उपवास रखते हैं। कर्क संक्रांति के दिन कपड़े व खाने की चीजों और विशेषकर तेल के दान का बहुत महत्व होता है। इस संक्रांति को मानसून के प्रारंभ के रूप में भी मनाया जाता है। कर्क संक्रांति के साथ शुरू होने वाला दक्षिणायन मकर संक्रांति पर समाप्त होता हैं जिसके बाद उत्तरायण प्रारंभ होता है। दक्षिणायन के सभी महीनों में भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है। इस बीच लोग अपने पितरों की शांति के लिए पूजा और पिंडदान भी करते हैं। 

 

कर्क संक्रांति के समय को किसी भी महत्वपूर्ण नए कार्य के प्रारंभ के लिए शुभ नहीं माना जाता है। माना जाता है कि देवताओं की रात्रि होने से इस समय किए जाने वाले कार्यों का उतना फायदा नहीं मिलता जितना उत्तरायण में होता है। कई बार कर्क संक्रांति पर देवशयनी एकादशी का संयोग भी होता है। कहा जाता है कि देवशयनी एकादशी के दिन से भगवान विष्णु एवं अन्य देवता क्षीरसागर में सो जाते हैं। इस कारण इन दिनों बस पूजा पाठ और दान के कार्य होते हैं। सभी शुभ कार्य देव उठनी एकादशी के बाद प्रारंभ होते हैं।

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