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नॉलेज : मंदिर में घंटी यूं ही नहीं लगाई जाती, इसे लगाने के पीछे हैं वैज्ञानिक कारण, इसकी आवाज का है खास महत्व

जब जाएं मंदिर तो घंटी जरूर बजानी चाहिए, ये स्वास्थ्य के लिए है फायदेमंद

Dainik Bhaskar

Oct 12, 2018, 05:41 PM IST
traditions about bells in temple, benefits of bells in home

रिलिजन डेस्क। सभी मंदिरों में बड़ी-बड़ी घंटियां अनिवार्य रूप से लगाई जाती है। मंदिर में घंटी बजाने के पीछे कई कारण बताए गए हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार देवी-देवताओं की आरती, घंटी के नाद के बिना पूर्ण नहीं हो सकती है। भगवान की आरती में कई प्रकार के वाद्य यंत्र बजाए जाते हैं, इनमें घंटी का स्थान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। जानिए मंदिर में घंटी लगाने से जुड़ी खास बातें...

1. अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से आरती के समय किसी मंदिर में जाता है तो उसकी बुद्धि तेज होती है। घंटी से निकलने वाले दीर्घ स्वर का हमारे दिमाग पर गहरा असर होता है।

2. घंटी से निकलने वाली ध्वनि से वातावरण के साथ ही हमारे शरीर में भी विशेष कंपन होता है, इस कंपन से हमें शक्ति प्राप्त होती है। इस शक्ति से एकाग्रता बढ़ती है, चिंतन की क्षमता बढ़ती है।

3. मंदिरों में बजने वाली छोटी-बड़ी सभी घंटियों की आवाज वातावरण को शुद्ध और पवित्र बनाती है। वातावरण में कई सूक्ष्म कीटाणु हमेशा रहते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। मंदिरों में लगातार एक लय में घंटियां बजने से जो ध्वनि निकलती है, वह आवाज इन हानिकारक कीटाणुओं को नष्ट कर देती है।

4. इसकी आवाज से वातावरण की नकारात्मक ऊर्जा बेअसर हो जाती है। इसी वजह मंदिरों के आसपास सकारात्मक वातावरण निर्मित होता है।

5. मान्यता है कि नियमित रूप से आरती करने और लगातार घंटी बजाने से मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमाएं चैतन्य हो जाती हैं। ऐसी प्रतिमाओं की पूजा अधिक प्रभावशाली और शीघ्र फल प्रदान करने वाली होती है।

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