पूजा-पाठ / शुक्रवार को देवउठनी एकादशी, तुलसी के पास दीपक जलाएं और सुहाग का सामान चढ़ाएं



tulsi vivah 2019, devuthani ekadashi 2019, dev prabodhini ekadashi, dev uthani ekadashi kab hai
X
tulsi vivah 2019, devuthani ekadashi 2019, dev prabodhini ekadashi, dev uthani ekadashi kab hai

  • देवउठनी एकादशी पर श्रीहरि शयन से जागते हैं, ये देव के जागने यानी उठने की तिथि है, इसीलिए इसे देवउठनी एकादशी कहते हैं

Dainik Bhaskar

Nov 05, 2019, 06:38 PM IST

जीवन मंत्र डेस्क। शुक्रवार, 8 नवंबर को तुलसी विवाह, देवउठनी यानी देव प्रबोधिनी एकादशी है। हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी पर ये पर्व मनाया जाता है। इस तिथि पर भगवान विष्णु और महालक्ष्मी के साथ ही तुलसी की भी विशेष पूजा की जाती है। तुलसी का विवाह शालिग्राम (विष्णु का स्वरूप) से करवाया जाता है। मान्यता है कि देवउठनी एकादशी पर श्रीहरि शयन से जागते हैं। ये देव के जागने यानी उठने की तिथि है, इसीलिए इसे देवउठनी एकादशी कहा जाता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार जानिए इस तिथि पर कौन-कौन से शुभ काम किए जा सकते हैं...

  • शुक्रवार को सूर्यास्त के बाद तुलसी के पास दीपक जलाएं और ओढ़नी यानी चुनरी अर्पित करें। सुहाग का सामान भी तुलसी को चढ़ाएं। अगले दिन यानी शनिवार, 9 नवंबर को ये चीजें किसी गरीब सुहागिन को दान करें।
  • ध्यान रखें कभी भी सूर्यास्त के बाद तुलसी के पत्ते ना तोड़ें। अमावस्या, चतुर्दशी तिथि पर भी तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए। रविवार, शुक्रवार और सप्तमी तिथि पर भी तुलसी के पत्ते तोड़ना शास्त्रों के अनुसार वर्जित है।
  • अकारण तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए। अगर वर्जित किए गए दिनों में तुलसी के पत्तों का काम हो तो तुलसी के झड़े हुए पत्तों का उपयोग करना चाहिए। वर्जित की गई तिथियों से एक दिन पहले तुलसी के पत्ते तोड़कर रख सकते हैं। पूजा में चढ़े हुए तुलसी के पत्ते धोकर फिर से पूजा में उपयोग किए जा सकते हैं।
  • एकादशी तिथि पर सुबह जल्दी उठें और स्नान आदि कामों के बाद सूर्य को जल चढ़ाएं। जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे का उपयोग करें। जल में लाल फूल और चावल भी डाल लेना चाहिए। इस दौरान सूर्य मंत्र ऊँ सूर्याय नम:। ऊँ भास्कराय नम: मंत्र का जाप करना चाहिए।
  • भगवान विष्णु के साथ ही लक्ष्मी की पूजा करें। पूजा में सामान्य पूजन सामग्री के अतिरिक्त दक्षिणावर्ती शंख, कमल गट्टे, गोमती चक्र, पीली कौड़ी भी रखना चाहिए।  सुबह स्नान के बाद तुलसी को जल चढ़ाएं।
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना