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मान्यता / तुलसी के साथ शालिग्राम रखना चाहिए, इस काले पत्थर पर बने होते हैं शंख, गदा जैसे शुभ चिह्न



tulsi vivah 2019, tulsi puja on ekadshi, devshayani ekadashi 2019, we should remember these tips on dev shayani ekadashi
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tulsi vivah 2019, tulsi puja on ekadshi, devshayani ekadashi 2019, we should remember these tips on dev shayani ekadashi

देवउठनी एकादशी 8 को, इस दिन तुलसी और शालिग्राम का विवाह कराने की है परंपरा

Dainik Bhaskar

Nov 06, 2019, 11:48 AM IST

जीवन मंत्र डेस्क। शुक्रवार, 8 नवंबर को देव प्रबोधनी एकादशी है। इस तिथि पर तुलसी का विवाह शालिग्राम से कराने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। शालिग्राम एक विशेष प्रकार का है पत्थर है। इसका रंग काला होता है। ये पत्थर नेपाल की गंडकी नदी के तल में मिलते हैं। शालिग्राम चिकने और अंडाकार होते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार अगर शालिग्राम घर में रखना चाहते हैं तो इसकी प्राण-प्रतिष्ठा की आवश्यकता नहीं होती है। इन पत्थरों को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है।

  • शालिग्राम अलग-अलग स्वरूपों में मिलते हैं। कुछ अंडाकार होते हैं तो कुछ में एक छेद होता है। इन पत्थरों के अंदर शंख, चक्र, गदा या पद्म जैसे शुभ चिह्न बने होते हैं।
  • शालिग्राम की पूजा तुलसी के बिना पूर्ण नहीं मानी जाती है। विष्णुजी और उनके अवतारों में भी तुलसी का विशेष महत्व है। शालिग्राम को तुलसी के पास भी रखा जा सकता है। रोज सुबह तुलसी के साथ शालिग्राम को भी जल चढ़ाना चाहिए। सूर्यास्त के बाद इनके पास दीपक जलाना चाहिए।
  • देवउठनी एकादशी पर तुलसी और शालिग्राम विवाह कराने से वही पुण्य फल मिलता है जो कन्यादान करने से मिलता है।
  • देवउठनी एकादशी पर पूजा करते समय शालिग्राम को स्नान कराना चाहिए। चंदन लगाकर तुलसी दल चढ़ाना चाहिए।
  • पुरानी मान्यता है कि जिस घर में भगवान शालिग्राम हो, वह तीर्थ के समान माना जाता है।
  • जिस घर में शालिग्राम का रोज पूजन होता है, वहां वास्तु दोष और अन्य बाधाएं समाप्त हो जाती हैं।

तुलसी विवाह
देवउठनी एकादशी पर तुलसी विवाह किया जाता है। इस दिन तुलसी जी का विवाह शालिग्राम से किया जाता है। अगर किसी व्यक्ति को कन्या नहीं है और वह जीवन में कन्या दान का सुख प्राप्त करना चाहता है तो वह तुलसी विवाह कर प्राप्त कर सकता है। जिनका दाम्पत्य जीवन बहुत अच्छा नहीं है वह लोग सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए तुलसी विवाह करते हैं। तुलसी पूजा करवाने से घर में संपन्नता आती है तथा संतान योग्य होती है।

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