700 साल पुराना है श्री वीर अलीजा हनुमान मंदिर, यहां चोला चढ़वाने के लिए करवानी पड़ती है बुकिंग

3 वर्ष पहले
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रिलिजन डेस्क. हमारे देश में हनुमानजी के अनेक मंदिर हैं, लेकिन उनमें से कुछ बहुत विशेष हैं। ऐसा ही एक खास मंदिर है मध्य प्रदेश के इंदौर में। यहां हनुमानजी को चोला चढ़ाने के लिए भक्तों को बुकिंग करवानी पड़ती है, इसके बाद ही सालों बाद नंबर आता है। इस मंदिर का नाम श्री वीर अलीजा हनुमान मंदिर हैं।

1) मंदिर से जुड़ विशेष बातें

इंदौर के पंचकुइया क्षेत्र में श्री वीर अलीजा हनुमान मंदिर में चोला चढ़ाने के लिए 2021 तक की बुकिंग पूरी हो चुकी है। मंगलवार को चोला चढ़ाने के लिए 5 जनवरी 2021 तक और शनिवार को चोला चढ़ाने के लिए जून 2020 तक की बुकिंग हो चुकी है। यह अनुष्ठान सुबह-सुबह भक्त की मौजूदगी में पुजारी करते हैं।

  • मंदिर के पुजारी बाल ब्रह्मचारी पवनानंद महाराज ने बताया कि मंदिर करीब 700 साल पुराना है। भगवान यहां वीर स्वरूप में हैं। भगवान की स्वयंभू प्रतिमा है। उनके दोनों हाथ में गदा है। भगवान की प्रतिमा पाषाण की है। इसकी ऊंचाई 5 फीट और चौड़ाई 3 फीट है।

बुकिंग के बाद भक्त को एक रसीद दी जाती है, जिसमें उसकी ओर से चोला चढ़ाने की तारीख अंकित होती है। चोला चढ़ाए जाने की तारीख के एक दिन पहले भक्त को मंदिर की तरफ से फोन कर सूचना दी जाती है, जिसके बाद भक्त उस दिन पहुंचकर इसमें शामिल होता है, अगर किसी कारण से नहीं आ पाता है तो भी उसकी ओर से चोला चढ़ा दिया जाता है।

  • इसमें आधा किलो सिंदूर, 200 ग्राम तेल, 200 चांदी का वर्क और इत्र की बोतल का उपयोग होता है। पुजारी के अनुसार, भगवान को चोला चढ़ाने के लिए मंदिर में पंडित से संपर्क करना होता है। इसके लिए 1500 रुपए की रसीद काटी जाती है।

आमतौर पर भगवान शिव को भांग का प्रसाद चढ़ाया जाता है, लेकिन श्री वीर अलीजा मंदिर में हनुमानजी को रोज आधा किलो भांग का भोग भी लगाया जाता है। शायद ये भारत का एकमात्र मंदिर है जहां हनुमानजी को भांग का भोग लगाने की परंपरा है।