हस्त रेखा ज्ञान चित्र सहित: 7 तरह के होते हैं हाथ, अपना हाथ देखकर खुद पता कर सकते हैं भविष्य

dainikbhaskar.com | Sep 05,2018 19:07 PM IST

हस्तरेखा शास्त्र सामुद्रिक शास्त्र का एक अंग है। इसकी रचना सामुद्र ऋषि ने की थी, इसी कारण इसे सामुद्रिक शास्त्र कहा जाता है। इसके सिद्धांतों के आधार पर हाथों का सूक्ष्म रूप से अध्ययन कर के भविष्य बताया जाता है। हस्त रेखाएं शुक्लपक्ष और कृष्णपक्ष में बनती-बिगड़ती रहती हैं, लेकिन हाथों की बनावट में बदलाव नहीं अाता। बनावट के आधार पर 7 तरह के हाथ होते हैं। निम्न श्रेणी का हाथ, वर्गाकार हाथ, चमसाकार हाथ, दार्शनिक हाथ, कलापूर्ण हाथ, आदर्श हाथ और मिश्रित हाथ।

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dainikbhaskar.com | Sep 04,2018 18:17 PM IST

हस्त रेखा शास्त्र में शादी और अफेयर संबंधी बातें जानने के लिए हथेली की विवाह रेखा यानी मैरिड लाइन को देखा जाता है। विवाह रेखा से किसी भी व्यक्ति की शादी, दाम्पत्य जीवन और प्रेम प्रसंग पर विचार किया जाता है। ये हाथ की सबसे छोटी उंगली (लिटिल फिंगर) के नीचे वाले भाग पर आड़ी रेखा होती है। छोटी उंगली के नीचे वाले भाग को बुध पर्वत कहा जाता है। विवाह रेखा एक या एक से अधिक भी हो सकती है।

लिटिल फिंगर का झुकाव रिंग फिंगर की ओर ज्यादा हो तो बिजनेस में मिलता है किस्मत का साथ

dainikbhaskar.com | Aug 31,2018 00:19 AM IST

हस्तरेखा शास्त्र में लिटिल फिंगर यानी हाथ की छोटी उंगली को कनिष्ठिका कहा जाता है। हथेली में इस उंगली के नीचे वाले हिस्से पर बुध पर्वत होता है इसलिए इसे बुध की उंगली भी कहा जाता है। बुध के प्रभाव से इस उंगली की लंबाई और बनावट देखकर बुद्धि और करियर के बारे में भी विचार किया जाता है। बुध की ये उंगली अच्छी हो यानी ये सुंदर, भरी हुई और सामान्य लंबी हो तो ऐसे व्यक्ति दूसरों को बहुत जल्दी प्रभावित कर देते हैं। ये उंगली सुंदर हो तो ऐसे लोगों में कई गुण होते हैं।