प्रेरक / दुष्ट लोगों के साथ रहने से निर्दोष होने पर भी सजा मिलती है, इसीलिए बुरे लोगों से दूर रहें



life management tips by interesting story
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life management tips by interesting story

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 04:50 PM IST

रिलिजन डेस्क. पुराने समय में एक राजा अकेले दूसरे राज्य जा रहा था। रास्ते में थक गया तो एक पेड़ के नीचे आराम करने के लिए रुक गया। राजा ने अपने धनुष-बाण एक तरफ रख दिए और वह चादर ओढ़कर सो गया। थोड़ी देर में ही उसे गहरी नींद आ गई।


- कुछ देर बाद पेड़ पर एक कौआ आकर बैठ गया और उसने नीचे सोए हुए राजा की चादर पर बीट कर दी। चादर गंदी हो गई, लेकिन राजा को पता नहीं चला। कौआ वहा से उड़कर चले गया।


- कुछ समय बाद उसी पेड़ पर एक हंस आ गया, जहां कौआ बैठा था, हंस भी वहीं बैठ गया। उसी समय राजा की नींद खुल गई। राजा ने देखा कि उसकी चादर पक्षी की बीट से गंदी हो गई है। उसे क्रोध आ गया और उनसे धनुष-बाण उठाकर हंस को बाण मार दिया। बाण लगते ही हंस नीचे आ गिरा और मर गया।


- ये सब एक संत ने देख लिया। संत ने राजा से कहा कि आपने एक निर्दोष प्राणी को मार दिया है। ये बीट एक कौए ने की थी। इस हंस का अपराध सिर्फ इतना ही था कि ये कौए की जगह पर आकर बैठ गया। एक कौए के गलत काम की सजा हंस को मिली। ये सुनकर राजा को बहुत पछतावा हुआ और उसे एक सीख भी मिली।


प्रसंग की सीख


इस प्रसंग से राजा को ये सीख मिली कि कौए जैसे दुष्ट जीव की जगह पर बैठने मात्र से ही एक सीधे-साधे पक्षी हंस के प्राण चले गए। इसका मतलब यही है कि हमें बुरे लोगों से दूर रहना चाहिए। बुरे लोगों के साथ एक जगह पर बैठना भी नहीं चाहिए, वरना हंस के समान निर्दोष होने पर भी सजा मिल सकती है।

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