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रहीम का दोहा / सेहत, खांसी और खुशी सहित सात ऐसी बातें हैं, जिन्हें कोई छिपा नहीं सकता

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2018, 03:22 PM IST


life management tips by raheem ke dohe
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रिलिजन डेस्क. मुगल काल के रहीम के दोहे आज भी काफी चर्चित हैं और इन दोहों में सुखी जीवन के कई सूत्र छिपे हुए हैं। इन दोहों का ध्यान रखने पर हम कई परेशानियों से बच सकते हैं। रहीम ने एक दोहे में सात ऐसी बातें बताई हैं, जिन्हें कोई भी ज्यादा समय तक छिपा नहीं सकता है। यहां जानिए ये बातें कौन-कौन सी हैं...


रहीम कहते हैं-
खैर, खून, खांसी, खुशी, बैर, प्रीति, मदपान।
रहिमन दाबे न दबै, जानत सकल जहान॥

 

भावार्थ


- इस दोहे में पहली बात है खैर। खैर यानी खैरियत या सेहत। यदि कोई व्यक्ति बीमार है तो वह अपनी सेहत अधिक दिनों तक दूसरों से छिपा नहीं सकता है।


- दूसरी बात है खून। खून यानी कत्ल। कोई भी व्यक्ति कितनी भी चालाकी से किसी की हत्या करे, वह एक दिन पकड़ा जाएगा।


- तीसरी बात है खांसी। यदि कोई व्यक्ति खांसी से परेशान है तो वह इस बीमारी को ज्यादा देर तक रोक नहीं सकता है। खांसी किसी भी स्थिति में रोकी नहीं जा सकती।


- चौथी बात है खुशी। कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा खुश है तो ये बात भी छिप नहीं सकती है। चेहरा और हमारे हाव-भाव से खुशी मालूम हो जाती है।


- पांचवीं बात है बैर। यदि हमारे मन में किसी के प्रति बैर भाव है, हम किसी पसंद नहीं करते हैं तो ये भी बहुत दिनों तक छिप नहीं सकता है।


- छठी बात है प्रीति यानी प्रेम। यदि हम किसी को प्रेम करते हैं तो ये भाव भी बहुत ज्यादा समय तक छिप नहीं सकता है। प्रेम प्रकट हो ही जाता है।


- सातवीं बात है मदपान यानी नशा। नशा किसी भी सूरत में छिप नहीं सकता है। नशा की वजह से व्यक्ति के शरीर में जो बदलाव होते हैं वह दूसरों को आसानी से दिख जाते हैं।
 

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