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एक राजा की नहीं थी कोई संतान, उसने रखी एक शर्त और महल में लगाया मेला, युक्ति लगाकार उसने ढूंढ लिया राज्य का नया उत्तराधिकारी

सफल होना चाहते हैं तो मुश्किलों से डरे नहीं, अपने लक्ष्य से कभी न भटकें

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2018, 04:00 PM IST
Motivational Concepts, Life Management, How to Get Success

रिलिजन डेस्क। किसी समय विजय नगर नाम के शहर में विजयसेन नाम का राजा राज्य करता था। वह बहुत बूढ़ा हो चुका था और उसकी कोई संतान भी नहीं थी। ऐसे में उसे राज्य के लिए योग्य उत्तराधिकारी की चिंता सताने लगी। एक दिन राजा ने घोषणा करवाई की- जो व्यक्ति रविवार की शाम को एक निश्चित समय पर आकर मुझसे मिलेगा, मैं उसे राज्य का एक हिस्सा दे दूंगा।
रविवार की शाम को राजा ने अपने महल में एक मेले का आयोजन किया। उसमें नाच-गाने, खाने-पीने के साथ ही मनोरंजन का पूरा इंतजाम किया गया। उस मेले में हजारों लोग आए। बहुत से लोग खाने-पीने में लगे और कुछ नाच-गाना देखकर मस्त हो गए। किसी को भी राजा से मिलने का ध्यान नहीं रहा।
इन सबके बीच एक नौजवान भी था। उसका ध्यान सिर्फ राजा से मिलने पर ही था। इसलिए उसने न खाने-पीने की चीजों का ध्यान दिया और न ही मनोरंजन के साधनों पर। तय समय पर जब वह राजा से मिलने जाने लगा तो दरवाजे पर तलवार लेकर खड़े चौकीदारों ने उसे अंदर जाने से रोक दिया। लेकिन वह युवक चौकीदारों को धक्का मारकर राजमहल में चला गया। 
जैसे ही वह युवक राजमहल के अंदर पहुंचा, उसने देखा कि राजा अपने सिंहासन पर बैठे हैं। युवक को देखकर राजा बहुत प्रसन्न हुए और उस युवक से बोले- मेरे राज्य में तुम एकमात्र ऐसे व्यक्ति हो, जो बिना किसी प्रलोभन में फंसे और बिना डरे यहां तक आए हो। इसलिए मैं तुम्हें अपने राज्य का उत्तराधिकारी बनाता हूं।


लाइफ मैनेजमेंट
सफल वही होता है जो अपने लक्ष्य का निर्धारण करता है और उस पर अडिग रहता है। सफलता से भटकाने वाली बातों पर ध्यान नहीं देता और बिना डरे कठिनाइयों का सामना करता है।

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