नर्मदा जयंती आज / पर्वतराज मैखल की पुत्री है मां नर्मदा, भारत की हैं पांचवी बड़ी नदी



narmada jayanti on 12th February
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narmada jayanti on 12th February

Dainik Bhaskar

Feb 12, 2019, 02:53 PM IST

रिलिजन डेस्क. धर्म शास्त्रों के अनुसार, माघ माह की शुक्ल पक्ष की सप्तमी को नर्मदा जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस बार नर्मदा जयंती 12 फरवरी, मंगलवार को है। नर्मदा भारत की प्रमुख नदियों में से एक है। इसका वर्णन रामायण, महाभारत आदि अनेक धर्म ग्रंथों में भी मिलता है। आज हम आपको बताते हैं इस नही से जुड़ी विशेष बातें...

  • नर्मदा नदी को मध्यप्रदेश की जीवन-रेखा कहा जाता है। पर्वतराज मैखल की पुत्री नर्मदा को रेवा के नाम से भी जाना जाता है। 
  • नर्मदा भारत की पांचवी बड़ी नदी मानी जाती है।  
  • विंध्य की पहाड़‍ियों में बसा अमरकंटक एक वन प्रदेश है। अमरकंटक को ही नर्मदा का उद्गम स्थल माना गया है। यह समुद्र तल से 3500 फुट की ऊंचाई पर स्थित है।  
  • भारत में चार नदियों को चार वेदों के रूप में माना गया है। गंगा को ऋग्वेद, यमुना को यजुर्वेद, सरस्वती को अथर्ववेद और नर्मदा को सामदेव। सामदेव कलाओं का प्रतीक है।  
  • नर्मदा अपने उद्गम स्थल अमरकंटक से निकलकर लगभग 8 किलोमीटर दूरी पर दुग्धधारा जलप्रपात तथा 10 किलोमीटर पर दूरी पर कपिलधारा जलप्रपात बनाती हैं।
  • नर्मदा महाराष्ट्र से होती हुई, भडूच शहर की पश्चिमी दिशा में खम्भात की खाड़ी में गिरकर अरब सागर में विलीन हो जाती है।
  • इसकी 41 सहायक नदियाँ हैं जिसमें तवा, हिरण, शक्कर, दूधी, करजन, शेर, बनास, मान प्रमुख है।
  • नर्मदा नदी द्वारा कपिल धारा एवं दुग्ध धारा जलप्रपात ( अनूपपूर ),धुआंधार जलप्रपात ( भेड़ाघाट, जबलपुर ), सहस्रधारा जलप्रपात ( महेश्वर, खरगोन ), दर्धी जलप्रपात, मानधाता जलप्रपात बनाए जाते हैं।
  • नर्मदा नदी पर इंदिरा सरोवर ( खंडवा ), सरदार सरोवर ( नवेगाव, गुजरात), महेश्वर परियोजना ( महेश्वर) बरगी परियोजना ( बरगी,जबलपुर), ओमकरेश्वर परियोजना बांध निर्मित हैं।
  • नर्मदा नदी के तटीय शहर अमरकंटक, जबलपुर, नरसिंहपुर, होशंगाबाद, निमाड, मंडला, ओमकारेश्वर, महेश्वर,बडवानी, झाबुआ, धार,बडवाह, सांडिया इत्यादि हैं।
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