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सूर्य की धातु है तांबा, इसलिए शनिदेव की पूजा में नहीं करना चाहिए इससे बने बर्तनों का उपयोग, शनिदेव की पूजा में ध्यान रखनी चाहिए 6 बातें

शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए किस चीज का भोग लगाना चाहिए?

Dainik Bhaskar

Nov 30, 2018, 06:13 PM IST

रिलिजन डेस्क। शनि को सबसे क्रूर ग्रह माना जाता है। शनिवार को मुख्य रूप से शनिदेव की पूजा की जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिस पर भी शनि की साढ़ेसाती या ढय्या का प्रभाव होता है, उसके बुरे दिन शुरू हो जाते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, शनिदेव की पूजा करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। आज हम आपको वही बातें बता रहे हैं, जो इस प्रकार है…

1. शनिदेव की पूजा में तांबे के बर्तनों का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि तांबा सूर्य की धातु है और ज्योतिष शास्त्र में शनि-सूर्य एक-दूसरे के शत्रु हैं। शनिदेव की पूजा में हमेशा लोहे के बर्तनों का ही उपयोग करना चाहिए।

2. लाल कपड़े, लाल फल या लाल फूल शनिदेव को नहीं चढ़ाएं क्योंकि लाल रंग मंगल का है। ये भी शनि का शत्रु ग्रह है। शनिदेव की पूजा में काले या नीले रंग की चीजों का उपयोग करना शुभ रहता है।

3. शनिदेव को पश्चिम दिशा का स्वामी माना गया है, इसलिए पूजा करते समय या शनि मंत्रों का जाप करते समय मुख इसी दिशा में रखें तो जल्दी ही शुभ फल मिल सकते हैं।

4. शनिदेव की प्रतिमा के ठीक सामने खड़े होकर दर्शन नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से शनि की दृष्टि सीधे आप पर पढ़ने से आपकी मुसीबतें बढ़ सकती हैं।

5. अस्वच्छ अवस्था में कभी-भी शनिदेव की पूजा नहीं करनी चाहिए। अस्वच्छ अवस्था यानी बिना नहाएं, झूठे मुंह या गंदे कपड़े पहनकर।

6. संभव हो तो शनिदेव को काले तिल और उड़द की खिचड़ी का भोग लगाएं। ये दोनों ही चीजें शनिदेव को विशेष रूप से प्रिय है। इससे शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

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