विज्ञापन

वैलेंटाइन डे विशेष / एक-दूसरे की देह के प्रति आकर्षण से नहीं सर्मपण से होती है प्रेम की शुरूआत

Dainik Bhaskar

Feb 14, 2019, 02:53 PM IST


special story Valentine's day
X
special story Valentine's day
  • comment

रिलिजन डेस्क. पूरी दुनिया में 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के रूप में मनाया जाता है। रोम के संत वैलेंटाइन के नाम से मनाए जाने वाले इस उत्सव का मतलब होता है प्रेम को वासना से दूर रखना। लेकिन टीनएजर्स के लिए तो आज प्रेम का मतलब 'प्यार' और एक-दूसरे की देह के प्रति आकर्षण से ज्यादा कुछ नहीं रह गया है। हिंदू संस्कृति में जिस तरह कामदेव को प्रेम और आकर्षण का देवता कहा जाता है। इसी तरह पश्चिमी देशों में क्यूपिड और यूनानी देशों में इरोस को प्रेम का प्रतीक माना जाता है। प्रेम और प्यार में अंतर है। प्यार में दिखावा हो सकता है, स्वार्थ हो सकता है, परंतु प्रेम निष्कामता के साथ भीतर से उपजी अनुभूति है, जिसका परिणाम समर्पण, शांति और प्रसन्नता के रूप में सामने आता है। 

वलैंटाइन डे कामवासना को तृप्त करने का दिन नहीं

  1. कामवासना से कहीं ज्यादा पवित्र है प्रेम

    पौराणिक कथाओं के अनुसार ब्रह्माजी से मिले वरदान की सहायता से कामदेव तीनों लोकों में भ्रमण करने लगे और भूत, पिशाच, गंधर्व, यक्ष सभी को काम ने अपने वश में कर लिया।

    • भगवान श्रीकृष्ण को भी कामदेव ने अपने नियंत्रण में लाने का प्रयास किया था। कामदेव ने भगवान श्रीकृष्ण से शर्त लगाई कि वे उन्हें भी सुंदर गोपियों के प्रति आसक्त (मगन) कर देंगे।
    • श्रीकृष्ण ने कामदेव की सभी शर्त स्वीकार की और गोपियों संग रास भी रचाया लेकिन फिर भी उनके मन के भीतर एक भी क्षण के लिए वासना ने घर नहीं किया। तभी से काम देव ने ये मान लिया की प्रेम कामवासना से वहीं ऊपर है।

  2. क्यों मनाया जाता है 

    कहा जाता है कि वैलेंटाइन डे का नाम रोम के एक पादरी संत वैलेंटाइन के नाम पर रखा गया है। दरअसल रोम साम्राज्य में तीसरी सदी में क्‍लॉडियस नाम के राजा का शासन हुआ करता था। 

    • क्‍लॉडियस का मानना था कि शादी करने से पुरुषों की शक्ति और बुद्धि खत्‍म हो जाती है। अपनी इसी सोच की वजह से उसने पूरे राज्‍य में यह आदेश जारी कर दिया कि उसके राज्य में कोई भी सैनिक या अधिकारी शादी नहीं करेगा।
    • लेकिन संत वैलेंटाइन ने क्‍लॉडियस के इस आदेश पर कड़ा विरोध जताया और पूरे राज्‍य में लोगों को शादी करने के लिए प्रेरित किया। संत वेलेंटाइन ने रोम में बहुत सारे सैनिकों और अधिकारियों की शादी करवाई।
    • जब राजा तक इस बात की खबर पहुंची, तो उसे बहुत गुस्सा आया। अपने आदेश का विरोध होता देख क्लॉडियस ने संत वैलेंटाइन को बंदी बनाने का आदेश दिया। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर राजा के आदेश पर 14 फरवरी सन 269 को फांसी पर चढ़ा दिया गया। तब से उनकी याद में वैलेंटाइन डे का त्यौहार मनाया जाता है।
    • रोम के संत वैलेंटाइन एक पादरी थे जिनको लगभग 269 AD में शहादत मिली और वाया फ्लेमिनिया में उन्हें दफनाया गया था। उनके अवशेष रोम के सेंट प्राक्स्ड चर्च और आयरलैंड के व्हाइटफ्रियर स्ट्रीट कार्मेलाईट चर्च में रखे गए हैं।

COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन