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जीवन मंत्र डेस्क. सोमवार, 9 मार्च की रात होलिका दहन होगा। फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर ये पर्व मनाया जाता है। होलिका दहन के बाद होलाष्टक समाप्त हो जाएगा। अगले दिन से सभी तरह के मांगलिक कर्म फिर से शुरू हो जाएंगे। ये उत्सव भक्त प्रहलाद और भगवान विष्णु से संबंधित है। इसीलिए इस तिथि पर होलिका की पूजा के साथ ही भगवान विष्णु की विशेष पूजा करनी चाहिए। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार जानिए इस पूर्णिमा पर कौन-कौन से शुभ काम किए जा सकते हैं...
> पूर्णिमा तिथि पर भगवान सत्यनारायण की कथा सुनना चाहिए या खुद ही पढ़ना चाहिए। भगवान सत्यनारायण का विधिवत पूजन किसी ब्राह्मण से भी करवा सकते हैं। भगवान विष्णु को हलवे का भोग लगाएं। ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें।
> भगवान विष्णु के साथ देवी लक्ष्मी की विशेष पूजा करें। विष्णुजी और लक्ष्मी का अभिषेक दक्षिणावर्ती शंख से करें। इसके लिए केसर मिश्रित दूध का उपयोग करना चाहिए।
> पूर्णिमा पर तांबे के लोटे से सूर्य को जल चढ़ाएं। इस दौरान ऊँ आदित्याय नम: मंत्र का जाप करें। जरूरतमंद लोगों को फलों का दान करें।
> पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करें। कच्चा दूध, घी, दही, शकर और शहद मिलाकर पंचामृत बनाएं और शिवलिंग पर चढ़ाएं। पंचामृत चढ़ाते समय ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। बिल्व पत्र, हार-फूल और प्रसादो अर्पित करें। दीपक जलाकर आरती करें।
> सोमवार को पूर्णिमा होने से इस दिन शिव परिवार यानी श्रीगणेश, शिवजी, माता पार्वती, कार्तिकेय स्वामी, नंदी की पूजा खासतौर पर करें।
> हनुमानजी के मंदिर जाएं, दर्शन करें। दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें।




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