नवदुर्गा / शिवजी को पाने के लिए कठिन तप किया तो ब्रह्मचारिणी नाम पड़ा, मंत्र और इनकी पूजा का महत्व



Shardiya Navratri 2019: Maa Brahmacharini Puja Vidhi Mantra, Brahmacharini Mata Ka Mantra Importance Significance
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Shardiya Navratri 2019: Maa Brahmacharini Puja Vidhi Mantra, Brahmacharini Mata Ka Mantra Importance Significance

Dainik Bhaskar

Sep 30, 2019, 01:44 PM IST

जीवन मंत्र डेस्क. नवरात्रि के दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी माता की पूजा की जाती है। ये मां दुर्गा की नौ शक्तियों में से द्वितीय शक्ति हैं। देवी ब्रह्मचारिणी, पार्वती का ही रूप है, जिन्होंने शिव को पाने के लिए कठोर तप किया था,इसी के चलते उनका नाम ब्रह्मचारिणी पड़ा। मां ब्रह्मचारिणी की कृपा से मनुष्य को सर्वत्र सिद्धि और विजय की प्राप्ति होती है, तथा जीवन की समस्त समस्याओं एवं परेशानियां खत्म होती हैं। अत्यन्त मनोहर रूप की देवी कहीं जाने वाली माता अपने भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी करती हैं। मंगल ग्रह पर आधिपत्य रखने वाली ब्रह्मचारिणी साक्षात ब्रह्मत्व स्वरूपा हैं। ब्रह्मचारिणी का स्वरुप पार्वती का वो चरित्र है जब उन्होंने शिव अर्थात ब्रह्म को साधने हेतु तप किया था।

 

  • देवी ब्रह्मचारिणी का मंत्र 

दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।

देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

 

  • माता का स्वरूप

देवी ब्रह्मचारिणी के दाहिने हाथ मे जप की माला होती है और बांए हाथ मे कमंडल रहता है। देवी ब्रह्मचारिणी साक्षात ब्रह्म का स्वरूप है अर्थात तपस्या का मूर्तिमान रूप है। ये देवी भगवती दुर्गा, शिवस्वरूपा, गणेशजननी, नारायनी, विष्णुमाया और पूर्ण ब्रह्मस्वरूपिणी के नाम से प्रसिद्ध है।

 

  • आराधना का महत्व

देवी ब्रह्मचारिणी की उपासना से मनुष्य मे तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की वृद्धि होती है। जीवन की कठिन समय मे भी उसका मन कर्तव्य पथ से विचलित नही होता है। देवी अपने साधको की मलिनता, दुर्गुणों ओर दोषो को दूर करती है। देवी की कृपा से सर्वत्र सिद्धि और विजय प्राप्त होती है।

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