शुभ मुहूर्त और पूजा विधि / रविवार की सुबह 10 बजे बाद शुरू होगी दशमी तिथि, इसी दिन करें जवारों का विसर्जन

Dainik Bhaskar

Apr 13, 2019, 11:37 AM IST



chaitra navratri 2019 jaware visarjan puja vidhi jaware visarjan muhurat
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chaitra navratri 2019 jaware visarjan puja vidhi jaware visarjan muhurat
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रिलिजन डेस्क. चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में वासंतीय नवरात्र का पर्व मनाया जाता है। नवरात्र समापन के अगले दिन यानी दशमी तिथि को जवारे विसर्जन किए जाते हैं। इस बार 14 अप्रैल, रविवार की सुबह दशमी तिथि की शुरुआत 09:51 मिनट पर होगी, इसलिए इसी दिन जवारे विसर्जन किए जाएंगे। ये है जवारे विसर्जन की पूरी विधि...


इस विधि से करें जवारे विसर्जन... 
- जवारे विसर्जन के पहले भगवती दुर्गा का गंध, चावल, फूल, आदि से पूजा करें तथा इस मंत्र से देवी की आराधना करें-
रूपं देहि यशो देहि भाग्यं भगवति देहि मे।
पुत्रान् देहि धनं देहि सर्वान् कामांश्च देहि मे।।
महिषघ्नि महामाये चामुण्डे मुण्डमालिनी।
आयुरारोग्यमैश्वर्यं देहि देवि नमोस्तु ते।।
- इस प्रकार प्रार्थना करने के बाद हाथ में चावल व फूल लेकर जवारे का इस मंत्र के साथ विसर्जन करना चाहिए-
गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठे स्वस्थानं परमेश्वरि।
पूजाराधनकाले च पुनरागमनाय च।
- इस प्रकार विधिवत पूजा करने के बाद जवारे का विसर्जन कर देना चाहिए, लेकिन जवारों को फेंकना नही चाहिए। उसको परिवार में बांटकर सेवन करना चाहिए। 
- इससे नौ दिनों तक जवारों में व्याप्त शक्ति हमारे भीतर प्रवेश करती है। जिस
बर्तन में जवारे बोए गए हों, उसे तथा इन नौ दिनों में उपयोग की गई पूजन सामग्री का श्रृद्धापूर्वक विसर्जन कर दें।


ये हैं जवारे विसर्जन के शुभ मुहूर्त

  • सुबह- 09:50 से 11:20 तक
  • सुबह- 11:20 से दोपहर 12:20 तक
  • दोपहर- 02:05 से 03:25 तक

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