--Advertisement--

दिवाली / लक्ष्मी जी की पूजा इस आरती से होती है पूरी, साथ ही जानिए पूरी विधि



lakshmi aarti on diwali puja
X
lakshmi aarti on diwali puja

Dainik Bhaskar

Nov 06, 2018, 10:46 PM IST

कार्तिक माह की अमावस्या यानी दिवाली पर लक्ष्मी जी की पूजा और आरती का खास महत्व होता है। आरती के बिना पूजा अधूरी होती है। दिवाली पर लक्ष्मी जी की आरती में कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है। दिवाली की आरती घी की बत्तियों से करनी चाहिए। आरती में अपनी श्रद्धा के अनुसार बत्तियों की संख्या एक, पांच, नौ, ग्यारह या इक्किस हो सकती है। कुछ लोग  लक्ष्मी जी की आरती मंत्रों से करते हैं लेकिन ऊँ जय लक्ष्मी माता, आरती बहुत से लोग करते हैं।

 

पढ़ें लक्ष्मी जी की आरती -

 

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।
तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता।
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता॥

Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..