अंगारकी चतुर्थी / भगवान श्रीगणेश को प्रसन्न करने के लिए इस दिन किया जाता है व्रत

Dainik Bhaskar

Dec 08, 2018, 12:37 PM IST



lord ganesh poojan vidhi for angaraki chaturthi
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lord ganesh poojan vidhi for angaraki chaturthi

रिलिजन डेस्क. हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान श्रीगणेश को प्रसन्न करने के लिए विनायकी चतुर्थी का व्रत किया जाता है। यदि विनयाकी चतुर्थी का यह व्रत मंगलवार को आता है, तो इसे अंगारक गणेश चतुर्थी कहते हैं। इस बार ये व्रत 11 दिसंबर, मंगलवार को है। इस दिन भगवान श्रीगणेश का विधि-विधान से पूजन किया जाए तो हर मनोकामना पूरी हो जाती है। अंगारक गणेश चतुर्थी का व्रत इस विधि से करें-


व्रत विधि


- सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि काम जल्दी ही निपटा लें। दोपहर के समय अपनी इच्छा के अनुसार सोने, चांदी, तांबे, पीतल या मिट्टी से बनी भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। 


- संकल्प मंत्र के बाद श्रीगणेश की षोड़शोपचार पूजन-आरती करें। गणेशजी की मूर्ति पर सिंदूर चढ़ाएं। गणेश मंत्र (ऊँ गं गणपतयै नम:) बोलते हुए 21 दूर्वा दल चढ़ाएं। 


- बूंदी के 21 लड्डुओं का भोग लगाएं। इनमें से 5 लड्डू मूर्ति के पास रख दें तथा 5 ब्राह्मण को दान कर दें।शेष लड्डू प्रसाद के रूप में बांट दें। 


- पूजा में श्रीगणेश स्त्रोत, अथर्वशीर्ष, संकटनाशक स्त्रोत आदि का पाठ करें। ब्राह्मणों को भोजन कराएं और उन्हें दक्षिणा देने के बाद शाम को स्वयं भोजन ग्रहण करें। 


- संभव हो तो उपवास करें। इस व्रत का आस्था और श्रद्धा से पालन करने पर भगवान श्रीगणेश की कृपा से मनोरथ पूरे होते हैं और जीवन में निरंतर सफलता प्राप्त होती है।

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