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नवरात्रि 2018: नवरात्रि में व्रत-उपवास और पूजा के नियम, 9 दिनों तक इन बातों का रखें ध्यान

Navratri 2018 Puja Vidhi And Vrat: पुराणों के अनुसार देवी पूजा और व्रत-उपवास में कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

Dainik Bhaskar

Oct 10, 2018, 10:08 AM IST
Navratri 2018: Navratri Puja Vidhi, Navratri Vrat

आज से नवरात्रि शुरू हो गई है। इन 9 दिनों में मां की पूजा, व्रत और उपवास किए जाएंगे, लेकिन आपको इस दौरान कुछ जरुरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। मार्कंडेय और देवी पुराण के अनुसार देवी पूजा और व्रत-उपवास नियम के अनुसार ही करने चाहिए वरना इनका फल नहीं मिल पाता है। पुराणों के अनुसार इन नौ दिनों में पूरे संयम से रहना चाहिए और इंद्रियों पर नियंत्रण रखना चाहिए। ऐसा करने से आध्यात्मिक और शारीरिक शक्ति तो बढ़ती ही है मां दुर्गा भी प्रसन्न होती हैं।

जानिए कैसे करें पूजा और इन खास बातों का रखे ध्यान -

1 - नवरात्रि के पहले दिन 9 दिनों के व्रत और उपवास का संकल्प लें। इसके लिए सीधे हाथ में जल लेकर उसमें चावल, फूल, एक सुपारी और सिक्का रखें। हो सके तो किसी ब्राह्मण को इसके लिए बुलाएं। ऐसा न हो सके तो अपनी कामना पूर्ति के लिए मन में ही संकल्प लें और माता जी के चरणों में वो जल छोड़ दें।

2 - इन दिनों व्रत-उपवास में सुबह जल्दी उठकर नहाएं और घर की सफाई करें। पूरे घर में गौमूत्र और गंगाजल का छिड़काव करें। उसके बाद माता जी की पूजा करें। पूजा में ताजा पानी और दूध से माता जी को स्नान करवाएं। फिर कुमकुम, चंदन, अक्षत, फूल और अन्य सुगंधित चीजों से पूजा करें और मिठाई का भोग लगाकर आरती करें। नवरात्रि के पहले ही दिन घी या तेल का दीपक लगाएं। ध्यान रखें वो दीपक नौ दिनों तक बुझ न पाएं।

3 - व्रत-उपवास में माता जी की पूजा करने के बाद ही फलाहार करें। यानि सुबह माता जी की पूजा के बाद दूध और कोई फल ले सकते हैं। नमक नहीं खाना चाहिए। उसके बाद दिनभर मन ही मन माता जी का ध्यान करते रहें। शाम को फिर से माता जी की पूजा और आरती करें। इसके बाद एक बार और फलाहार (फल खाना) कर सकते हैं। अगर न कर सके तो शाम की पूजा के बाद एक बार भोजन कर सकते हैं।

4 - माता जी की पूजा के बाद रोज 1 कन्या की पूजा करें और भोजन करवाकर उसे दक्षिणा दें।

5 - नवरात्रि के दौरान तामसिक भोजन नहीं करें। यानि इन 9 दिनों में लहसुन, प्याज, मांसाहार, ठंडा और झूठा भोजन नहीं करना चाहिए।

6 - इन दिनों में क्षौरकर्म न करें। यानि बाल और नाखून न कटवाएं और शेव भी न बनावाएं। इनके साथ ही तेल मालिश भी न करें। नवरात्रि के दौरान दिन में नहीं सोएं।

7 - नवरात्रि में सूर्योदय से पहले उठें और नहा लें। शांत रहने की कोशिश करें। झूठ न बोलें और गुस्सा करने से भी बचें। इसके साथ ही मन में किसी के लिए गलत भावनाएं न आने दें। अपनी इंद्रियों का काबु रखें और मन में कामवासना जैसे गलत विचारों को न आने दें।

8 - नवरात्रि के व्रत-उपवास बीमार, बच्चों और बूढ़ों को नहीं करना चाहिए। क्योंकि इनसे नियम पालन नहीं हो पाते हैं।

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