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व्रत और त्योहार / महाशिवरात्रि पर बन रहा विशेष शुभ योग, इस दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से पूरी होती है सभी मनोकामनाएं

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2019, 04:29 PM IST


pooaj vidhi for mahashivratri, mahashivratri on 4th march
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pooaj vidhi for mahashivratri, mahashivratri on 4th march
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रिलिजन डेस्क. फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है जो इस साल 4 मार्च को है। इस दिन माता पार्वती तथा भगवान शिव का विवाह हुआ था। इस साल इस पर्व के दिन कई शुभ योग एक साथ पड़ रहे हैं। यह श्रवण नक्षत्र तथा सोमवार को है जो कि बहुत ही शुभ संयोग है। इस दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

महाशिवरात्रा से जुड़ी विशेष बातें

  1. श्रवण का स्वामी है चंद्रमा

    श्रवण का स्वामी चंद्रमा होता है। इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग भी है। चंद्रमा भगवान शिव के मस्तक पर सुशोभित होते हैं। इस दिन सोमवार भी है। इस प्रकार यह तीन महासंयोग अद्भुत है जो कि बहुत ही मुश्किल से मिलता है। इस प्रकार इस वर्ष यह महापर्व बहुत ही शुभकारी और मंगलकारी है।

  2. शुभ मुहूर्त 

    इस दिन किसी भी समय शिव जबसे शिवरात्रि आरम्भ होती है और समाप्त होने तक दिन रात शिव पूजा कर सकते हैं। यह बात वैदिक और पौराणिक है।

  3. कैसे करें भगवान शिव का रुद्राभिषेक?


    शिवरात्रि को भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान हमारी मनोकामना पूरी करते हैं।

  4. निम्न द्रव्यों से करें रुद्राभिषेक

    गाय के दुग्ध से रुद्राभिषेक करने से संपन्नता आती है तथा मन में की गई मनोकामना पूर्ण होती है।

    • जो लोग रोग से पीड़ित हैं तथा प्रायः अस्वस्थ रहते हैं या किसी गंभीर महा बीमारी से परेशान हैं उनको कुशोदक से रुद्राभिषेक करना चाहिए। कुश को पीसकर गंगा जल में मिला लीजिए फिर भगवान शिव का नियम तथा श्रद्धा पूर्वक रुद्राभिषेक करें।
    • धन प्राप्ति के लिए देसी घी से रुद्राभिषेक करें।
    • निर्विध्न रूप से किसी विशेष उद्देश्य की पूर्ति के लिए तीर्थ स्थान के नदियों के जल से रुद्राभिषेक करें। इससे भक्ति भी प्राप्त होती है।
    • गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करने से कार्य बाधाएं समाप्त होती हैं तथा वैभव और सम्पन्नता में वृद्धि होती है।
    • शहद से रुद्राभिषेक करने से जीवन के दुख समाप्त होते हैं तथा खुशियां आती हैं।
    • किसी शिव मंदिर में शिवलिंग पर रुद्राभिषेक करें या घर पर ही पार्थिव का शिवलिंग बनाकर रुद्राभिषेक करें।

  5. महाशिवरात्रि को करें महामृत्युंजय मंत्र का जप


    इस दिन महामृत्युंजय मंत्र के जप से रोगों से मुक्ति मिलती है तथा व्यक्ति दीर्घायु होता है।गंभीर रोग से पीड़ित लोग निश्चित संख्या मवन शिवमंदिर में महामृत्युंजय मंत्र का अनुष्ठान बैठाएं।
     

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